आधे हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत?

वर्तमान में पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क और राज्य वैट वसूलते हैं। पेट्रोल-डीजल की दरें विभिन्न राज्यों में 90 से 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच रहा है।

अभी तक राज्यों की उच्च निर्भरता के कारण पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से बाहर रखा गया था। अब वित्तमंत्री सीतारमण ने ईंधन की कीमतें नीचे लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एक संयुक्त सहयोग का आह्वान किया है।

अब पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने के संकेत भी मिल रहे हैं। जीएसटी की हायर स्लैब भी पेट्रोल-डीजल पर लगाई जाए तो मौजूदा कीमतें आधी रह जाएंगी और आम आदमी को राहत मिल सकती है।

अगर पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत शामिल किया जाता है, तो देश भर में ईंधन की एक समान कीमत होगी। जीएसटी परिषद ने कम स्लैब का विकल्प चुना, तो कीमतों में कमी आ सकती है। भारत में चार प्राथमिक जीएसटी दर हैं – 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत।

बता दें कि अभी केंद्र व राज्य सरकारें उत्पाद शुल्क व वैट के नाम पर 100 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स वसूल रही हैं।

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