पुलिस ने ग्रेनेड हमले के लिए लश्कर को जिम्मेदार ठहराया

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को ग्रेनेड हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें एक गैर स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने प्रदेश को विशेष अधिकार दिये जाने से संबंधित अनुच्छेद 370 को हटाना घाटी के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटाने की तीसरी बरसी पर सभी बाजार और दुकानें खुली रहीं।

कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा,“लश्कर-ए-तैयबा के बाइक सवार दो आतंकवादियों ने पुलवामा में गैर स्थानीय रजाई बुनकरों पर ग्रेनेड हमले को अंजाम दिया। हमने हमले में शामिल लोगों की पहचान कर ली है। उन्हें जल्द ही या तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा या मार दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि ‘हाइब्रिड’ आतंकवाद अब कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा,“एक साल पहले, (हाइब्रिड) आतंकवाद को चुनौती दी गई थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हम उन्हें जल्द से जल्द पहचान लेते हैं और उन्हें गिरफ्तार या निष्क्रिय कर देते हैं।”

कुमार ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से बार-बार होने वाली हड़तालों, स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने पर विराम लग गया है। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल होते थे। वह भी रुक गया है। आतंकियों का महिमामंडन भी खत्म हो गया है। मुठभेड़ स्थलों के पास पथराव हुआ करता था जिसमें अतिरिक्त क्षति होती थी। यह सब समाप्त हो गया है।”

कुमार ने कहा,“लोगों को पाकिस्तान के इरादों को समझना चाहिए और यहां शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की मदद करनी चाहिए। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की तीसरी वर्षगांठ पर बाजार खुले हैं। उन्होंने कहा,“यह जनता के लिए एक उपलब्धि है।”

गौरतलब है कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटा दी थी और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया था।

यह भी पढ़े: दिव्यांगों के लिये कार्यरत संस्थाएँ 15 दिन में सुरक्षा ऑडिट करवाएँ