भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में विकास, उद्यमिता और रोजगार की असीम संभावनाएं हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना महामारी की वजह से विश्व के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहे हैं और इससे भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में विकास, उद्यमिता और रोजगार के व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे। आज गुजरात के गांधीनगर में पंडित दीन दयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षान्त समारोह को वीडियो कांफ्रेस के जरिये संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत अपने कार्बन फुटप्रिंट में तीस से 35 प्रतिशत तक कमी करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ रहा है।

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आज देश अपने कार्बन फुटप्रिंट को तीस से पैंतीस प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्‍य लेकर के आगे बढ़ रहा है। दुनिया के सामने जब मैं ये लेकर के गया तो अचरज था कि भारत ये कर सकता है। प्रयास ये है कि इस दशक अपनी ऊर्जा जरूरतों में नेचुरल गैस की हिस्‍सेदारी को हम चार गुणा तक बढ़ांएगें। देश की ऑयल रिफाइरिंग कैपेसिटी को भी आने वाले पांच सालों में करीब करीब दो गुणा करने के लिए काम किया जा रहा है।

PM मोदी ने कहा कि कोरोना काल में डिग्री हासिल करना युवा विद्यार्थियों के लिए बहुत बडी चुनौती है लेकिन हमारे विद्यार्थियों की क्षमताएं और योग्यताएं इस वैश्विक चुनौती से कहीं अधिक बडी हैं। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी की भावना को नये अवसरों में बदलें।

जीवन में वही लोग सफल होते हैं जिनके जीवन में सेंस ऑफ रिस्‍पांसिबिलिटि का भाव हो, सफलता की सबसे बड़ी शुरूआत, उसकी पूंजी सेंस ऑफ रिस्‍पॉसिबिलिटी होती है और कभी आप देखोगे जो विफल होते हैं उनके मन में सेंस ऑफ रिस्‍पॉसिबिलिटी के बजाय सेंस ऑफ बर्डन के बोझ के नीचे दबे हुए हैं यार क्‍या करूं, एग्‍जाम आ रही है, यार क्‍या करूं जल्‍दी जाना है। हर बार बर्डन। सेंस ऑफ रिस्‍पॉसिबिलिटी का भाव व्‍यक्ति के जीवन में सेंस ऑफ अपॉर्चूनिटी को भी जन्‍म देता है। उनके बीच में संघर्ष नहीं होना चाहिए। सेंस ऑफ रिस्‍पॉसिबिलिटी और परपस ऑफ लाइफ दो ऐसी पटरियां हैं जिन पर आपके संकल्‍पों की गाड़ी बहुत तेजी से दौड़ सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया को भारत से बडी आशाएं तथा अपेक्षाएं हैं और ये हमारे युवा विद्यार्थियों से जुडी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ आगे ही नहीं बढना है बल्कि सबसे आगे और सबसे तेज रहना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अनुसंधान से लेकर उत्‍पादन क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर ही अवसर हैं।

आज भारत में एनर्जी सेक्‍टर में ग्रोथ की, एंटरप्राइस स्पिरिट की, एम्‍पलॉयमेंट की, असीम संभावनाएं, यानि आप सभी सही समय पर, सही सेक्‍टर में पहुंचे। इस दशक में सिर्फ आइल एंड गैस सेक्‍टर में ही लाखों, करोड़ रूपए का निवेश होने वाला है। इसलिए आपके लिए रिसर्च से लेकर मैन्‍यूफैक्‍चरिंग तक अवसर ही अवसर है।

गांधीनगर के पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के साथ अपने डेढ दशक के लगाव का जिक्र करते हुए PM मोदी ने गुजरात सरकार से इस विश्वविद्यालय का दायरा बढाकर पेट्रोलियम के साथ साथ समूचे ऊर्जा क्षेत्र को इसमें शामिल करने का आग्रह किया।

बीते डेढ़ दशक में पीडीपीयू ने पेट्रोलियम सेक्‍टर के साथ-साथ पूरे एनर्जी स्‍पेक्‍ट्रम और अन्‍य क्षेत्रों में भी अपना विस्‍तार किया है और पीडीपीयू की प्रगति देखते हुए आज मैं गुजरात सरकार को भी अनुरोध करता हूं कि कानून में अगर आवश्‍यक हो, तो परिवर्तन करके इसको सिर्फ पेट्रोलियम यूनि‍वर्सिटी की बजाय अब इसको हम एक एनर्जी यूनिवर्सिटी के रूप में कन्‍वर्ट करें। उसका नाम, क्‍योंकि उसका रूप, दायरा बहुत विस्‍तार होने वाला है और आप लोगों ने इतने कम समय में जो कमाया है, जो देश को दिया है शायद एनर्जी यूनिवर्सिटी इसका विस्‍तार बहुत बड़ा लाभ देश को होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने पांच अत्याधुनिक सुविधाओं का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उदघाटन किया। करीब दो हजार छह सौ विद्यार्थियों ने आज दीक्षान्त समारोह में डिग्रियां और प्रमाणपत्र हासिल किए। चालीस शोध छात्रों को पीएचडी की डिग्री दी गईं।

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