उर्वरक कीटनाशकों के प्रयोग को कम करने के लिए निजी क्षेत्र भी सरकार के साथ जुड़े: तोमर

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि खेती में उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रयोग को कम करने के लिए निजी क्षेत्र को भी सरकार के साथ जुड़ना चाहिए। तोमर ने यह बात भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित 11वें एग्रोकेमिकल्स काॅन्क्लेव को सोलन (हिमाचल प्रदेश) से वर्चुअल संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है और देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का बहुत बड़ा योगदान है। कृषि क्षेत्र में किसानों के लिए मुनाफा बहुत जरूरी है। उत्पादन में वृद्धि भी बहुत आवश्यक है। देश में दलहन और तिलहन की दृष्टि से अच्छा काम चल रहा है।

यह भी जरूरी है कृषि के क्षेत्र में मुनाफा बढ़े तथा फसलोपरांत किसानों को होने वाला नुकसान न्यूनतम हो जिसके लिए कदम उठाने की जरूरत हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। साथ ही सरकार चाहती है कि किसान तकनीक का उपयोग कर महंगी फसलों पर जा सके। फसलों के उत्पादन में एकरूपता आ सके एवं उनके उत्पादन में गुणवत्ता आ सकें इस पर भी काम हो रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि आज उद्यानिकी को भी और बढ़ाना चाहिए ताकि हर दृष्टि से हम आत्मनिर्भर बन सके। खाद्यान्न की दृष्टि से हमारा देश बहुत अच्छी स्थिति में हैं। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए हमें कृषि की दृष्टि से विकसित अन्य देशों की ओर भी देखना होगा व उनके साथ आगे बढ़कर चलना है। दस हजार नए एफपीओ भी बनाए जा रहे हैं, जिससे किसानी को काफी फायदा हो रहा है और आगे भी होगा। फसल विविधीकरण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने फिक्की जैसे संगठनों से कृषि विकास के लिए मिलकर काम करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा भी मौजूद थे। फिक्की की फसल संरक्षण समिति के अध्यक्ष आर.जी. अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

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