MSP के अनुसार खरीद प्रक्रिया जारी: सरकार द्वारा धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुकाबले 16.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी

खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान सरकार द्वारा अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है।

खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से धान की खरीद की जा रही है। 1

2 फरवरी 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 638.57 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 549.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। इस वर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुक़ाबले 16.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज देखी गई है।

638.57 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 31.76 प्रतिशत है।सरकार की वर्तमान एमएसपी योजनाओं का लाभ देते हुए मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार 1,20,562.19 करोड़ रुपये का किया जा चुका है जिससे 91.69 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

  • खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान 638.57 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई
  • खरीफ विपणन सत्र के दौरान 91.69 लाख धान के किसान लाभान्वित हुए
  • अभी तक सरकार द्वारा 3,09,109.47 मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद की जा चुकी है
  • 26,643.55 करोड़ रुपए की एमएसपी कीमत की 91,35,211 कपास गाठों की खरीद हुई