बीमारी की गंभीरता बता सकते है कोरोना मरीज के खून में मौजूद प्रोटीन, शोध में हुआ खुलासा

सेल सिस्टम्स ( Cell Systems ) जर्नल में मंगलवार को एक अध्यन प्रकाशित किया गया। जिसमें बताया गया है कि ब्रिटेन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और जर्मनी के शैरिट यूनिवर्सिटेट्समेडिजिन बर्लिन के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है। जिसके मुताबिक कोरोना वायरस के मरीजों में लक्षण की गंभीरता के आधार पर विभिन्न स्तर पर प्रोटीन मौजूद होते है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन प्रोटीन की मदद से कोरोना के बाद होने वाले परिणामों के बारे में जाना जा सकता है।

शोध में वैज्ञानिकों ने कहा कि ये प्रोटीन ऐसी जांच को विकसित करने में सहायता करते है, जिससे चिकित्सक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद संक्रमित व्यक्ति के शरीर में होने वाले गंभीर परिणामों और उसे कितने इलाज की आवश्यकता है, इसके बारे में जान सकते है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये प्रोटीन कोरोना के प्रभावी इलाज के लिए नई संभावनाएं बना सकते है। दरअसल, कोरोना से उबरने के बाद भी व्यक्ति में यह विभिन्न तरीके से असर कर सकता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद भी उस व्यक्ति में फिर से लक्षण न दिखे, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी हो सकते है जिसमें व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत हो सकती है।

इस अध्ययन में शामिल रहे क्रिस्टोफर मेसनर कहते है कि कोरोना मरीजों के खून के प्लाज्मा में विभिन्न प्रोटीन्स की मौजूदगी और मात्रा जानने के लिए रैपिट टेस्ट किए। इसके लिए ‘मास स्पेक्ट्रोमेट्री’ नाम के एक तरीके का इस्तेमाल किया गया। इनमें से तीन प्रोटीन एक ऐसे प्रोटीन से जुड़े थे जिसकी वजह से सूजन होती है और इसे कोरोना वायरस के गंभीर लक्षणों में से एक माना जाता है।

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