सर्दी-ज़ुकाम में देता है आराम, एक बार जरूर आज़माएँ ये चीज़

मुनक्का को आप बड़ी दाख के नाम से पहचानते हैं। किशमिश को पानी में कुछ देर भिगोकर रखने और फिर उसे सुखाने के बाद किशमिश की स्थिति को ही मुनक्का का नाम दिया गया है। इसकी प्रकृति या तासीर बहुत ज्यादा गर्म होती है किन्तु ये कई रोगों की दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए इसका औषध में विशेष स्थान माना जाता है. इसमें पाए जाने वाले अनेक गुण हमें बीमारियों से दूर रखने और शरीर को रोगमुक्त बनाने में लाभकारी सिद्ध होते है।

मुन्नका को खाने से कई प्रकार लाभ होते है अगर इसका नित्य सेवन किया जाए तो कई रोगों से दूर रहा जा सकता है।

सर्दी जुकाम में : जिन व्यक्तियों को लगातार सर्दी और जुकाम बना रहता है, वे 3 से 4 मुनक्का ठंडे पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उठकर अच्छे से चबाकर खायें। रोगी का पुराना जुकाम दूर हो जाएगा और इस तरह सर्दी भी नही लगती है। इस उपाय को दिन में दो से तीन बार अपनाएँ।

एलर्जी : जो व्यक्ति जुकाम से पीडि़त रहते है, गले में खराश या खुश्की बनी रहती है और गले में खुजली होती रहती है, उन रोगियों को मुनक्का का नित्य रूप से सेवन करना चाहिए। मुनक्का खाने से गले का हर रोग दूर होता है साथ ही मुनक्का कब्ज़ भगाने में भी लाभकारी सिद्ध होता है।

ब्लड प्रेशर : मुनक्का को नमक के पानी में भिगोकर रखें और फिर सुखा लें। जिनका ब्लडप्रेशर कम होता है उनको लाभ मिलेगा।

आँखों की रौशनी : मुनक्का खाने से आँखों की रौशनी तेज़ होती है. मुनक्का को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उठकर अच्छे से चबायें। आँखों की रौशनी को तेज़ करता है और जलन भी दूर होती है।

दूध और मुनक्का : एक गिलास दूध में 8 से 10 मुनक्का उबालें और इसमें एक चम्मच घी डालकर सुबह शाम पियें। इससे शरीर के, ह्रदय के, आँतों के रोग तथा खून के रोगों से आराम मिलता है।

खून बढ़ाने में : रात को सोने से पहले 10 मुनक्का पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इसको दूध के साथ मुनक्का उबाल लें। हल्का ठंडा करके पियें खून बढ़ जाता है। मुनक्का को अच्छे से चबा चबाकर खायें इससे खून बढऩे लगता है। अच्छा परिणाम पाने के लिए एक से दो हफ्ते तक खायें।