5G के लॉन्च और विस्तार के लिए काम करने वाली कंपनी “क्वालकॉम” के निवेश पर क्या बोले मुकेश अम्बानी?

क्वालकॉम वेंचर्स ने 0.15इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 730 करोड़ रु के निवेश की घोषणा की हैक्वालकॉम दुनिया की अग्रणी वायरलेस टेक्नोलॉजी इनोवेटर है और 5 जी के विकासलॉन्च और विस्तार के लिए काम करती है। रिसर्च और विकास पर क्वालकॉम अब तक 62 बिलियन से अधिक खर्च कर चुकी है।

पिछले 35 वर्षों में क्वालकॉम के पास पेटेंट और पेटेंट अप्लीकेशन्स मिला कर 140,000 से अधिक इनोवेशन हैं। क्वालकॉम ने इनोवेशन को बढ़ावा देने और भारतीय प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। क्वालकॉम वेंचर्स एक वैश्विक कोष है जो 5 जीएआईआईओटीऑटोमोटिवनेटवर्किंग और एंटरप्राइज जैसे क्षेत्रों में वायरलेस इकोसिस्टम में निवेश करता है।

“क्वालकॉम” के निवेश पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, “आज मैं जियो प्लेटफार्मों में एक निवेशक के तौर पर क्वालकॉम वेंचर्स का स्वागत करते हुए प्रसन्नता महसूस कर रहा हूं। क्वालकॉम कई वर्षों से एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है और हमारे पास एक मजबूत और सुरक्षित वायरलेस और डिजिटल नेटवर्क को खड़ा करने और भारत में हर किसी के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी के लाभों का विस्तार करने का साझा दृष्टिकोण है। वायरलेस प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में क्वालकॉम के पास गहरा तकनीक ज्ञान है और जो हमें 5जी तकनीक में और भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेंशन में सहायक होगा।

क्वालकॉम इनकॉर्पोरेटेड के सीईओ स्टीव मोलेनकॉफ ने जियो की प्रशंसा करते हुए कहा, “जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपनी व्यापक डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं के जरिए भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व किया है। भारत में काम करने के लंबे अनुभव के साथ और एक निवेशक के रूप मेंहम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए Jio के दृष्टिकोण में भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। “

जियो प्लेटफॉर्म्सरिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की “फ़ुली ओन्ड सब्सिडियरी” है। ये एक “नेक्स्ट जनरेशन” टेक्नॉलोजी कंपनी है जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है। इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एपडिजिटल ईकोसिस्टम और भारत के नंबर #1 हाइ-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम लिमिटेडजिसके 38 करोड़ 80 लाख ग्राहक हैंवो जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड की “होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी” बनी रहेगी।

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