सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं हो: गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सड़क तंत्र का सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सड़कों के विकास से ही सामाजिक और औद्योगिक विकास संभव हुआ है। गहलोत आज मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभाग से जुड़ी सभी बजट घोषणाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के साथ ही नॉन पेचेबल सड़कों के कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं उन्नयन सरकार की प्राथमिकता हैं।

राज्य में सड़क निर्माण हेतु बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए है, ताकि प्रदेश में शानदार सड़के बनें। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नेे तीन वर्ष चार माह के कार्यकाल में गत सरकार की अपेक्षा कई गुना कार्य किए हैं। इनमें सड़कों के विकास पर गत सरकार के 15383 करोड़ रूपये की तुलना में हमने 20126 करोड़ व्यय कर 44613 कि.मी सड़कों का विकास किया। वहीं, ग्रामीण सड़कों का उन्नयन एवं नवीनीकरण में भी 14896 कि.मी की तुलना में 31686 कि.मी के कार्य कराए हैं। इससे ग्राम पंचायत मुख्यालयों तक सड़कें पहुंचने से ग्रामीण विकास को गति मिली है।

गहलोत ने बताया कि वर्तमान सरकार में 10 आरओबी के निर्माण हुए है, जबकि गत सरकार में 4 ही बने थे। इस तीन साल के कार्यकाल में 380 कनिष्ठ अभियंताओं और 319 सहायक अभियंताओं की भर्ती कराई गई, जबकि गत सरकार द्वारा इसी अवधि में जेईएन के 14 पदों पर ही भर्ती हुई थी।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव ने कहा कि एक-एक कार्य की गुणवत्ता को कई बार जांचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण प्रदर्शन से केंद्र सरकार से 2841 किलोमीटर सड़कों के लिए बजट प्राप्त हो सकता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन महाजन ने बताया कि लगभग सभी बजट घोषणाओं को नवंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्यरखा गया है।

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