Rahul Gandhi पर भाजपा का पलटवार, रविशंकर प्रसाद ने पूछ लिया बड़ा सवाल

कांग्रेस पार्टी आज सुबह से महंगाई को लेकर भाजपा पर हमलावर है. एक तरफ जहां देश के हर शहर में कांग्रेस के कार्यकर्ता महंगाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी नई दिल्ली में खुद कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की कमान राहुल गांधी ने अपने हाथों में ली हुई है. राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला. राहुल के हमले के बाद भाजपा की तरफ से पलटवार भी किया गया. भाजपा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन पर चुनावों में कांग्रेस की लगातार हार और उनके खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में ED की जांच का “ठीकरा” भारतीय लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगाया.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के संवाददाता सम्मेलन के ठीक बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आज जो बयान दिए हैं, वे “शर्मनाक और गैरजिम्मेदाराना” हैं. उन्होंने राहुल को याद दिलाया कि वह उनकी दादी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ही थीं, जिन्होंने देश पर आपातकाल थोपा था और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया था. राहुल ने इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और दावा किया कि ‘भारत में लोकतंत्र की मौत हो रही है’ तथा सिर्फ चार लोगों की तानाशाही है.

कांग्रेस नेता को आड़े हाथों लेते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, “अपने भ्रष्टाचार और गलत कामों को बचाने के लिए भारत की संस्थाओं को बदनाम करना बंद कीजिए… जनता आपको नहीं सुन रही है तो आप हमें क्यों दोष दे रहे हैं.” भाजपा नेता ने सवाल किया कि उनकी पार्टी को लोकतंत्र की नसीहत देने वाले राहुल गांधी को देश को यह बताना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है? उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को अगर जनता वोट नहीं देती है, तो कृपया करके लोकतंत्र पर क्यों ठीकरा फोड़ रहे हैं?”

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ क्या-क्या नहीं कहा था, बावजूद इसके देश ने “उन्हें खारिज” कर दिया और भाजपा को पहले से भी अधिक सीटें दिलाकर जिताया. राहुल के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में जारी ईडी की जांच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अखबार पर 80 करोड़ रुपये से ऊपर की देनदारी थी और 2010 में एसोसिएटेड जनरल ने इसका पूरा शेयर यंग इंडिया को दे दिया.

पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया, “इसी यंग इंडिया में 38 प्रतिशत हिस्सेदारी सोनिया गांधी और 38 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गांधी की थी. इन्होंने सिर्फ 50 लाख रुपये नेशनल हेराल्ड को दिए और कांग्रेस ने 80 करोड़ रुपये का लोन माफ कर दिया. करीब 5,000 करोड़ रुपये की नेशनल हेराल्ड की संपत्ति इस ‘फैमली कंट्रोल ट्रस्ट’ के नाम लाई गई.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी उनकी अर्जी खारिज कर दी गई और बाद में उन्हें जमानत लेनी पड़ी.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने जो किया है, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा. भाजपा नेता ने दावा किया कि आज नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सत्ता के गलियारों में बिचौलियों के लिए दरवाजे बंद हो चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस का लोकतंत्र, भ्रष्टाचारतंत्र था. आज नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सत्ता के गलियारों में बिचौलियों के लिए दरवाजे बंद हैं. रक्षा सौदों में कोई कमीशन नहीं लगता. कांग्रेस और उनका भ्रष्टाचारी तंत्र इससे परेशान है. इसी की व्यथा राहुल गांधी की बातचीत में दिखती है.”

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