गाय के शुद्ध घी से जलेगा रामलला के मंदिर का अखण्ड दीप, पटना के महावीर मंदिर से जाएगा घी

श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला का जो मंदिर है, उसमें हाल ही में अखंड दीप जलाने की शुरुआत हुई है। परन्तु उसमें अभी साधारण घी का ही प्रयोग होता है। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सचिव चंपत राय और मुख्य मुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को सुझाव दिया था कि अखंड दीप में गाय के शुद्ध घी का उपयोग किया जाना चाहिए। आचार्य के अनुरोध को ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास’ ने स्वीकार कर लिया है।

गौरतलब हो कि श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला का जो मंदिर है, उसमें हाल ही में अखंड दीप जलाने की शुरुआत हुई है। परन्तु उसमें अभी साधारण घी का ही प्रयोग होता है। अब महावीर मंदिर के द्वारा भेजे गए से ‘नंदिनी शुद्ध घी’ से ही राममंदिर में अखंड दीप जलेगा। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 1 सितम्बर को पड़ा है। इस बीच किशोर कुणाल अयोध्या प्रस्थान कर गए हैं। वे अनंत चतुर्दशी के मौके पर महावीर मंदिर की ओर से रामजन्म भूमि तीर्थ न्यास को एक साल तक अखंड दीप जलाने के लिए 25 टिन शुद्ध घी सौंपेंगे। अखण्ड दीप मे रोज करीब एक किलो घी लगता है। अब दीप मे पड़ने वाला घी बेंगलुरु से अयोध्या पहुंच गया है।

ज्ञातव्य हो कि महावीर मंदिर में नैवेद्यम लड्डू गाय के शुद्ध घी से ही बनता है, जो कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के ‘नंदिनी’ के रूप में बेंगलुरु से आता है। महावीर मंदिर न्यास की ओर से भेजे गए बिहार के मोकरी के गोविंद भोग चावल से रामलला का भोग लगता है। महावीर मंदिर न्यास ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन ही 10 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण के लिए देने की घोषणा की थी। 2 अप्रैल को जिस दिन तीर्थ समिति का खाता खुला, महावीर मंदिर न्यास की ओर से पहला चेक जमा कराया गया। यह चेक 2 करोड़ के चंदे के रूप मे जमा हुआ।