रैपिड रेल से दिल्ली-मेरठ में घट जाएगा 94 प्रतिशत प्रदूषण, जानें क्या है तर्क

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल से करीब 94 प्रतिशत तक प्रदूषण भी घट जाएगा। वहीं 93 प्रतिशत तक रोजगार में वृद्धि होगी। सबसे अधिक 98 प्रतिशत प्रभाव दिल्ली-मेरठ के बीच आवागमन पर पड़ेगा। रैपिड रेल के लिए मेरठ में परतापुर तिराहे से मोदीपुरम के बीच आठ राजस्व ग्रामों के सर्वे में कुछ ऐसा ही पाया गया है। सर्वे में लोगों ने बताया कि रैपिड रेल से काफी कुछ परिवर्तन होगा। नई अधिग्रहण नीति के तहत प्रशासन की ओर से इस तरह का सर्वे कराया गया है। निजी एजेंसी की ओर से यह सर्वे हुआ। सर्वे में कई तथ्यों को प्रमुखता से उभारा गया है।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार लोगों का मानना है कि रैपिड रेल से रोजगार में 93 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। 98 प्रतिशत आवागमन सुविधाजनक हो जाएगा। 91 प्रतिशत परिवहन और यातायात सस्ता हो सकता है। 96 प्रतिशत सड़क पर जाम से मुक्ति, भीड़भाड़ कम होगी। लोगों ने यह भी बताया कि 94 प्रतिशत वायु प्रदूषण और 89 प्रतिशत ध्वनि प्रदूषण कम हो सकेगा।

इसके पीछे यह तर्क दिया गया

– दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल से 82 किमी क्षेत्र हो जाएगा विकसित
– परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, परिवहन लागत में कमी आएगी
– व्यापार करने की सुविधा बढ़ेगी तो रोजगार बढ़ेंगे
– रहन-सहन में सुधार होगा, मेरठ मेट्रो सिटी में दर्ज होगा
– 40 प्रतिशत प्रयोग सौर ऊर्जा का होगा तो बिजली बचेगी
– बेहतर परिवहन सुविधा से वाहनों की संख्या में कमी आएगी तो प्रदूषण कम होगा
– वाहनों की संख्या कम होने से ईंधन की खपत भी कम होगी
– रैपिड, मेट्रो के संचालन से प्रति यात्री, प्रति किमी कम ऊर्जा की आवश्यकता होगी।

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