अभी पढ़ें ये खबर यदि आप देर तक सोते है

आमतौर पर देखा जाता है की देर रात तक जागकर सोने वालों को और अगले दिन देर से उठने वालों को बहुत आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता है। उन्‍हें कभी ठीक निगाह से नहीं देखा जाता।

इसके विपरीत जल्‍दी सोने वाले और जल्‍दी उठने वालों की बहुत सराहना की जाती है।

जो देर से उठते हैं, वे अन्‍य लोगों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील, समझदार, मेधावी, प्रज्ञावान, दूरदर्शी और सृजनात्‍मक क्षमताओं से लबरेज होते हैं।

यह सुनकर निश्चित ही आश्‍चर्य हो रहा होगा लेकिन इसके पीछे भी कारण है। यदि आप नींद में हैं और उस दौरान अलार्म बजता है और आप उसे बढ़ा रहे हैं तो इसका अर्थ ये है कि आपका दिमाग़ कुछ विचार प्रक्रिया में रत है और उसे कुछ समय चाहिए ताकि वह वर्तमान स्थिति से डील कर सके।

यानी दिमाग तब भी सक्रिय है। वैसे भी यह स्‍नूजिंग की व्‍यवस्‍था प्रज्ञावान लोगों की ही ईजाद है। इसका लगातार उपयोग करने वाले सृजनशील होते हैं।

एक से अधिक स्‍नूज़ करने वाले मौलिक होते हैं जो कि दुनिया की परिपाटी पर नहीं चलते एवं स्‍वयं अपनी राह जीते हैं। 1250 लोगों पर किए गए शोध का परिणाम एक तरफा रहा।

रात 11 बजे के बाद सोते हैं और सुबह 8 बजे बाद उठते हैं वे जल्‍दी उठने व जल्‍दी सोने वालों के मुकाबले अधिक खुश रहते हैं।

उनकी खुशी ही उनकी संपत्ति है एवं प्रतिधारा के लोग अपेक्षाकृत अधिक कुंठित होते हैं। यानी अब आप खुद फैसला कीजिये कि आपको जल्‍दी उठकर कमअक्‍ल वाला बनना है या आराम से देर से उठकर प्रज्ञावान।

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