बिहार मे बागियों ने उड़ाई बीजेपी नेतृत्व की नींद

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर राजग में सीटों के बंटवारे के बाद बगावत का दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा बगावत बीजेपी में देखने को मिल रही है। पहले चरण में 71 सीटों पर हो रहे चुनाव में अब तक आधा दर्जन से अधिक चर्चित चेहरों ने पार्टी छोड़ कर दूसरे दलों से चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है।

पार्टी मे बागियों के तेवर देख भाजपा नेतृत्व अब सख्त हो गया है। जिन-जिन नेताओं ने अब तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है, उन्हें नाम वापसी की तिथि तक का समय दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने फोन कर ऐसे नेताओं को साफ कहा है कि वे नाम वापस लें अन्यथा उन्हें छह साल के लिए दल की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया जाएगा। हालांकि आलाकमान के इस संदेश का बागियों पर कितना असर होगा, यह कहना अभी बेमानी होगी। हालांकि लोजपा ने यह साफ कर दिया है कि वह भाजपा के खिलाफ चुनावी मैदान में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगा और बाकी 143 सीटों पर वह चुनाव लड़ेगा। इस कारण भाजपा के वैसे नेता जो पिछली बार चुनावी मैदान में थे, वे इस बार भी लोजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने की कोशिश में लगे हैं। जदयू के खिलाफ लोजपा भी वैसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहा है जो भाजपा छोड़कर आ रहे हैं। यही कारण है कि भाजपा से नाता तोड़ने वाले नेताओं में अब तक सात को लोजपा ने टिकट दे दिया है।

ऐसा माना जा रहा है कि तीन चरण में हो रहे बिहार चुनाव का नामांकन खत्म होने तक कम से कम दो दर्जन जाने-पहचाने चेहरे भाजपा का दामन थाम सकते हैं। दरअसल साल 2015 के चुनावी मैदान में भाजपा 157 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इसका मूल कारण था कि एनडीए में वह पिछली बार सबसे बड़ी पार्टी थी। लेकिन इस बार एनडीए में जदयू के आने पर वह बड़ी पार्टी बन चुकी है। जदयू 115 तो भाजपा 110 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में पिछली बार की तुलना में इस बार पार्टी 47 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी। ऐसे में जिन-जिन नेताओं ने पिछली बार पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में भाग्य आजमाया था, वे इस बार भी दूसरे दलों का दामन थामकर अपनी किस्मत आजमाना चाह रहे हैं।

Loading...