ऐसे दूर करें अपने दांतों का पीलापन

चाकलेट, मिठाइयां, बिस्कुट आदि बहुत अधिक खाने से बतीसी पूरी तरह पिली पड़ जाती हैं। ऐसे में बतीसी किसी को दिखाने के भी लायक नहीं रहती। बतीसी पिली होने से कई तरह के कीटाणु भी मुहं में जम जाते हैं। जिससे कई गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं कभी कभी तो बतीसी बदलवाने की नौबत तक आ जाती हैं। अधिक खट्टी, ठंडी या गर्म वस्तुओं से अवश्य परहेज करें। भोजन हमेशा अच्छी तरह चबाकर खाएं। पान मसाला, तम्बाकू आदि के सेवन से पूरी तरह बचें।

सामान्यतः लोग दांतों की देखभाल की बहुत गंभीरता से नहीं लेते लेकिन दांतों को स्वस्थ रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है अन्यथा दांतों में कई प्रकार के गंभीर रोग हो सकते हैं। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार यदि दांतों व मसूडों में बहुत अधिक समय तक रोग बने रहें तो कैंसर की आशंका कई गुना अधिक बढ जाता है।

दांतों की सफाई उचित तरीके से नहीं करने पर दांतों के मध्य कैविटी भी बनने लगती है जिससे भोजन करने पर दांतों में बहुत ही ठंडा गरम महसूस होते लगता है। दांतों में ठंडा गरम महसूस होते लगता है। दांतों पर जमी प्लेक में स्थित बैक्टीरिया को जब भोजन से स्टार्च व शुगर मिलता है। तो एक प्रकार का एसिड बनता है जिससे दांतों की ऊपरी परत पूरी तरह नष्ट होने लगती है और केविटी बन जाती है। ऐसा होने पर शीघ्र ही चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

दांतों के आसपास मसूडों से रक्त आना तथा मुख से दुर्गंध आना यह पायरिया रोग का लक्षण है। पायरिया के कारण दांतों की जडे लगातार कमजोर होती जाती हैं और धीरे-धीरे दांतों का हिलना प्रारंभ हो जाता है।

दांतों को स्वस्थ व स्वच्छ रखने के लिए कुछ बातों अवश्य ध्यान रखना चाहिए।

दांतों को दिन में दो बार साफ करें। सख्त ब्रश का प्रयोग कभी न करें।

Loading...