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हर वर्ग को अपने हक की बात करने का अधिकार

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि युवा वर्ग युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, विधवाओं, वृ़द्धजनों एवं समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा पर चिंतन-मनन करें। उन्होंने कहा कि जनमानस में कानून के राज की बात होनी चाहिए। हर वर्ग को अपने हक की बात करने का पूरा अधिकार है। उन्हें इसमें कोई भी परेशानी आती है तो वे अपनी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में कर सकते हैं। उनकी समस्याओं का यथासम्भव निराकरण किया जायेगा। श्री गहलोत शनिवार को भीलवाड़ा जिले की करेड़ा तहसील के बड़ी का बाड़िया में ’मजदूर किसान शक्ति संगठन’ की ओर से आयोजित ’युवा चितंन शिविर’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऎसे चिंतन शिविरों से युवाओं के व्यक्तित्व में निखार आता है और उन्हें अच्छे संस्कार मिलते हैं। कम पढे़-लिखे तथा वंचित युवा वर्ग को भी ऎसे शिविरों से अपने सपने साकार करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर में सभी युवा अपने उद्गार खुलकर प्रकट करें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालकों को विद्यार्थी जीवन से ही संविधान के बारे में जानकारी दी जानी चाहिये। उन्होंने शिविर में प्रतिभागियों तथा उपस्थित लोगों को संविधान की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ पाठ्य पुस्तकों के प्रारंभ में छापी जाए ताकि विद्यार्थी जीवन से ही संविधान के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की  150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसके उपलक्ष्य में राज्य के हर  जिले में गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी तथा गांधीजी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। 

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शिविर को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री सीपी जोशी ने कहा कि ऎसे शिविरों में संविधान तथा संसदीय लोकतंत्र के बारे में बात की जानी चाहिए। इससे लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संविधान के कारण ही आज लोगों को न्यूनतम मजदूरी मिल रही है। श्रमिक वर्ग अंधकार से बाहर निकला है और उसे उसके हक मिले हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं मजदूर किसान शक्ति संगठन की प्रतिनिधि श्री अरुणा राय ने कहा कि शिविर में कम पढे़-लिखे तथा वंचित युवा वर्ग को संविधान, लोकतंत्र, उनके हक तथा देश के ढांचे के बारे में जानकारी दी जा रही है। देश के नवीनतम आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक हालातों पर भी चर्चा की जा रही है। शिविर में पूरे देश से लगभग 200 बच्चे भाग ले रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता श्री निखिल डे ने कहा कि जातिगत, सामाजिक मतभेद खत्म हो तथा समभाव बढे, सभी को बुनियादी सुविधाएं मिले, महिलाओं पर बंदिशे खत्म हों तथा उन्हें समान अधिकार मिले, इसके लिये हम प्रयासरत हैं। भारत में सूचना का अधिकार मिलना एक बड़ी सफलता है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वहां उपस्थित मनरेगा श्रमिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने उनके हालात जाने तथा समस्याएं पूछीं।

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