पका केला शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा

पोटेशियम युक्त केला स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। अमूमन देखने में आता है कि जब केला ज्यादा पक जाता है तो उसका रंग व आकार बदल जाता है। अधिक पका केला थोड़ा नरम हो जाता है और रंग भी बदल जाता है|

जिसके कारण लोग उसे बेकार समझकर बाहर फेंक देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा पका हुआ केला हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

जब केला ज्यादा पक जाता है तो इसमें मौजूद स्टार्ची कार्बोहाइड्रेट फ्री शुगर में बदल जाता है। इसके उसको पचाने में बहुत आसानी होती है। वहीं हरे केले में जो स्टार्च पाया जाता है उसे पचाने में काफी समय लगता है।

यदि आपको पीले रंग के केले पसंद हैं तो आपके पास एंटीऑक्सिडेंट की एक स्वस्थ आपूर्ति होगी जो आपके शरीर को बीमारी से बचाती है। इसके अलावा, पीले केले को नाश्ते में खाना बहुत अच्छा है क्योंकि वे पचाने में आसान होते हैं। अगर आपको हरे रंग के केले पसंद हैं तो आप इसका सेवन करें। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा।

अधिक पका केला शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा माना गया है। आईएफएडी के अनुसार, भूरे केले को फेंकना नहीं चाहिए। इन केले में ट्रिप्टोफैन होता है ष्जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता हैष्। इसके अलावा, भूरे केले भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।