अभी तक लालू यादव की पैतृक विधानसभा से कभी नहीं जीता राजद का प्रत्याशी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद के पूर्व अध्यक्ष लालू यादव के पैतृक गांव फुलवरिया के विधानसभा क्षेत्र हथुआ में अब तक लालटेन नहीं जल सकी है। आरजेडी के प्रत्याशी पिछले पाँच चुनावों से लगातार हार का सामना कर रहे हैं। इस विधानसभा से सबसे अधिक बार कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, वहीं पिछले दो विधानसभा चुनावों से इस सीट पर जदयू ने कब्ज़ा जमा रखा है।लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री रहते हुए फुलवरिया गांव को प्रखंड व अंचल का दर्जा दिलाया। इतना ही नहीं लालू प्रसाद यादव ने फुलवरिया में निबंधन कार्यालय, बैंक, रेफरल अस्पताल, हैलीपैड जैसे विकास कार्यो की झड़ी लगा दी। फिर भी इस क्षेत्र के मतदाता उनके प्रत्याशी को विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं देते।

आँकड़ो पर नजर डालें तो आजादी के बाद सन 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के जर्नादन भगत को जीत मिली थी। इसके बाद 1957, 1969, 1972, 1985 में यानी पांच बार कांग्रेस का इस सीट पर कब्जा रहा। वहीं 2005 से लगातार इस विधानसभा से जेडीयू के रामसेवक सिंह चुनाव जीत रहे हैं।

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