बिहार की हिलसा सीट पर महज 12 वोट से हारा RJD प्रत्याशी, लगा धांधली का आरोप

बिहार विधानसभा चुनावों में इस बार एनडीए और महागठबंधन में जोरदार टक्कर देखने को मिली। जदयू को पीछे छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए गठबंधन में सर्वाधिक सीट हासिल आकर अपना रुतबा बढ़ाया। वहीं, महागठबंधन में राजद प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बन उभरकर सामने आई।

125 सीटों के साथ बिहार में फिर एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने जा रही हैं। बिहार चुनाव में कई ऐसी सीटें रहीं, जहां मुकाबला न सिर्फ दिलचस्प था, बल्कि काफी करीबी रहा। जनता दल यूनाइटेड ने हिलसा विधानसभा सीट से महज 12 वोटों से जीत दर्ज की है।

हिलसा विधानसभा सीट से जदयू के कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया को 61,848 वोट और राजद उम्मीदवार आत्री मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव को 61,836 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत-हार का फासला सिर्फ 12 वोट का ही रहा। राजद ने हिलसा सीट पर धांधली का आरोप लगाया।

हिलसा सीट के पुराने नतीजे

2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से राजद के शक्ति सिंह यादव ने लोजपा की दीपिका कुमारी को 26,076 वोटों के अंतर से हरा दिया था। 2010 में यहां से जदयू की उषा सिन्हा जीती थीं। हिलसा विधानसभा सीट बिहार के नालंदा जिले का हिस्सा है। यहां अब तक कुल 14 बार विधानसभा चुनाव हुआ है, जिसमें से इस सीट पर सबसे ज्यादा तीन बार जदयू और कांग्रेस और दो बार जनसंघ के प्रत्याशी विधायक रह चुके हैं।

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