चुनाव को लेकर राजद की नई रणनीति, 30 टिकट सवर्ण जाति उम्मीदवार को

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही टिकट बँटवारे को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हो चुकी है। बिहार में किसी भी वक्त चुनावों की घोषणा हो सकती है ऐसे में सभी की नजर टिकट बंटवारे पर भी टिकी है। बिहार मे 15 साल तक ‘MY’ समीकरण पर लालू यादव ने चुनाव लड़ा था। अब लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने NDA की मुश्किल बढाने के लिए भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ जैसे उच्च वर्ग के वोटरो को भी अपने पक्ष मे करने को लेकर कम से कम 30 टिकट सवर्ण जाती के उम्मीदवारों को देने का फैसला किया है। राजद सांसद एडी सिंह ने कहा कि, “विधानसभा चुनाव में अति पिछड़ों को भी अच्छी संख्या में टिकट देने की तैयारी की जा रही है”। सांसद एडी सिंह ने कहा कि, “तेजस्वी यादव पहले ही बोल चुके हैं कि चुनाव में सभी वर्गों पर नजर रहेगी। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार केवल लोगों को जाति के आधार पर बेवकूफ बनाते हैं लेकिन इस बार बिहार की जनता उनसे त्रस्त चुकी है। जाति के आधार पर चुनाव लड़ना बंद करन होगा। अब बिहार की जनता बेवकूफ नहीं बनने वाली। विकास के आधार पर ही वोट मिलेगा।

गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद बने अमरेंद्रधारी सिंह खुद भूमिहार वर्ग से आते हैं ऐसे में पार्टी ने उनको राज्यसभा भेजकर पहले ही भूमिहार वर्ग को साथ लेने की कोशिश की थी, ऐसे में सांसद के इस दावे ने राजद के स्टैंड को काफी हद तक साफ कर दिया है। बिहार में विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने सवर्ण समुदाय को अभी से ही साधने की कोशिश शुरू कर दी है। पार्टी के सांसद ने दावा किया है कि इस बार बिहार के चुनाव में RJD हर जाति के उम्मीदवार को उचित रूप से प्रतिनिधित्व देते हुए टिकट देगा। सांसद ने आगे कहा कि बिहार नरक बन चुका है, यहां स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र में हालत बहुत ही खराब हो चुका है। ऐसे में इस बार के विधानसभा चुनाव में बिहार में बदलाव निश्चित है।