संविधान के प्रतीक तिरंगे को नहीं मानता है आरएसएस: राहुल

महू(मप्र)(एजेंसी/वार्ता):कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि देश के सभी संगठन संविधान को मानते हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी का मातृ संगठन संविधान के प्रतीक तिरंगे को नहीं मानता है।

श्री गांधी ने मध्य प्रदेश पहुंची भारत जोड़ो यात्रा के बीच आज संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की जन्म स्थली महू में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह इस यात्रा में कन्याकुमारी से श्रीनगर के लिए जिस तिरंगे के साथ चल रहे हैं उस तिरंगे के नीचे चलकर असंख्य लोग श्रीनगर में तिरंगा लहराएंगे।

उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे संविधान का प्रतीक है इसलिए संविधान का सम्मान करते हुए उसके प्रतीक के साथ लोग उनके साथ श्रीनगर की तरफ बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि उन्हें और उनके साथ चल रहे लोगों को इस तिरंगे से इतना प्यार है कि इसके लिए उन्होंने आज यात्रा का मार्ग ही बदल दिया और यात्रा को संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की जन्म स्थली महू लाया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आरएस एस ऐसा संगठन है जो संविधान के प्रतीक तिरंगे को नहीं मानता है। इस संगठन ने अपने मुख्यालय पर कभी तिरंगा नहीं फहराया है क्योंकि वह न संविधान को मानता है और ना संविधान के प्रति तिरंगे पर उसका भरोसा है।

श्री गांधी ने कहा कि महू अंबेडकर और संविधान की जमीन है। इसी ज़मीन से निकले तिरंगे को लेकर वह श्रीनगर जा रहे हैं। इस तिरंगे में शक्ति है और उसे यह शक्ति हमारे संविधान से मिलती है।

उन्होंने कहा , “ आश्चर्य की बात यह है कि हिंदुस्तान में एक संगठन है जिसने तिरंगे को नहीं लगाय है, देश के बाकी सभी संगठनो ने शक्ति के प्रतीक इस तिरंगे को लहराया है और जो लोग तिरंगा नहीं लहरा रहे हैं वही संविधान को खत्म करने में लगे हैं। महात्मा गांधी, अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों ने अपना जीवन, अपना खून पसीना देश की आज़ादी के लगाया। फिर संविधान के निर्माण जैसा बहुत बड़ा काम हुआ। पांच हज़ार साल के इतिहास में पहली बार देश के हर नागरिक को संविधान के कारण एक जैसा अधिकार मिला लेकिन भाजपा और आर एस एस इस अधिकार को खत्म करने में लगे हुए हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा , “संविधान एक किताब नहीं, एक शक्ति है, एक आवाज और इस आवाज को, इस शक्ति को, इस सोच को आरएसएस मिटाना चाहता है लेकिन भाजपा और आरएसएस के इन मंसूबों को कांग्रेस कभी पूरा नहीं होने देगी। जिस दिन वे इस तरह की कोशिश करेंगे उस दिन हिंदुस्तान की आवाज उन्हें टिकने नहीं देगी।”

उन्होंने संविधान को देश की नींव बताया और कहा कि आरएसएस हर संस्था में अपने लोगों को बिठा कर देश की इस नींव को कमजोर करने का प्रयास करना है। उसका एकमात्र लक्ष्य संविधान को खत्म कर देश की आवाज को दबाना है। आरएसएस भाईचारे, एकता को खत्म कर शांति भंग करने का काम करता है। भाजपा सरकार की नीतियों से किसी को फायदा नहीं हो रहा है। नोटबंदी से किसी को फायदा नहीं हुआ। दरअसल यह सरकार लोगों को डराने, गरीब बनाने तथा बेरोजगार करने के काम में लगी है। शिक्षा का कोई महत्व नहीं रह गया है। बच्चे इंजीनियरिंग कर रहे हैं, एमबीए कर रहे हैं लेकिन नौकरी नहीं मिल रही है और मजदूरी करने को विवश हो रहे है। स्टार्टअप भी युवाओं को सीधे मजदूरी के काम में झोक रहा है।

महंगाई को लेकर भी सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि रसोई गैस का जो सिलेंडर 400 में मिलता था , भाजपा सरकार मे वह तीन गुना कीमत पर मिल रहा है। सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों में डर पैदा करना चाहती है। भाजपा जानती है कि डर के कारण वे समाज में नफरत फैला सकते हैं। उनका कहना था जिस दिन लोगों का डर खत्म हो जाएगा उस नफरत मिट जाएगी और मोहब्बत पैदा हो जाएगी।

-एजेंसी/वार्ता

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