गैरी कर्स्टन का खुलासा, सचिन लेना चाहते थे 2007 में संन्यास, ऐसे की थी मास्टर ब्लास्टर की मदद

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन ने टीम इंडिया के साथ बिताये अपने कोचिंग सफर को याद किया है। अपने इस सफर के दौरान के एक किस्से का उन्होंने जिक्र किया, जो महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से जुड़ा है। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर ने 2007 में ही संन्यास लेने का मन बना लिया था। दरअसल, वह अपने बल्लेबाजी क्रम से खुश नहीं थे और 2007 में वेस्टइंडीज में हुए विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप चरण से बाहर हो गई थी।

कर्स्टन ने बताया कि सचिन के साथ उनकी कोचिंग यात्रा शानदार रही। उनके कोच बनने से पहले सचिन संन्यास लेने का मन बना चुके थे क्योंकि वह अपने खेल का आनंद नहीं उठा पा रहे थे। कर्स्टन ने 2008 में जब टीम इंडिया के कोच पद की जिममेदारी संभाली तो 2011 में उनके कोच रहते हुए ही भारत ने विश्व कप जीता था। कर्स्टन के कोचिंग कार्यकाल में सचिन ने जमकर रन बरसाए और अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बड़े रिकॉर्ड्स स्थापित किये।

कर्स्टन के कोचिंग कार्यकाल में सचिन तेंदुलकर ने सात शतक (एक दोहरा शतक भी) समेत 38 वनडे मैचों में 1,958 रन बनाए थे। वही 31 टेस्ट मैचों में 12 शतकों सहित 2910 रन बनाए थे। कर्स्टन ने बताया कि सचिन ने तीन साल बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाए थे। यह सब इसलिए हो सका क्योंकि सचिन अपने मन से खेले, जहां चाहते थे उसी क्रम पर खेले। कर्स्टन ने बताया कि सचिन को ऐसे माहौल की जरुरत थी जिसमें वह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।

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