सारण के प्रधानाध्यापक अखिलेश्वर पाठक शिक्षक दिवस पर मिलने वाले “राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार” के लिए चयनित

प्रत्येक वर्ष की भाँति इस बार भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस होता है। इस दिन सारणवासियों का सर गर्व से फिर ऊँचा होने जा रहा है। सारण जिले में के गड़खा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय चैनपुरा भैसमारा के प्रधानाध्यापक अखिलेश्वर पाठक को “राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2020” मिलने वाला है। गौरतलब है कि हर साल माननीय राष्ट्रपति द्वारा देश भर से चुन कर आए शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।

इस बार प्रथम राष्ट्रपति कि धरती सारण भी देश के सामने यहाँ के निवासियों को गौरवान्वित करेगा। छपरा जिले के गड़खा प्रखण्ड के शिक्षक अखिलेश्वर पाठक को इस बार राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित प्रधान शिक्षक अखिलेश्वर पाठक का कहना है कि, “समयनिष्ठ एवं कर्तव्यनिष्ठता को अगर जीवन का आधार मान लिया जाए तो किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है”।

अभी तक के अपने शिक्षण अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “वर्ष 2003 में अपने पहले पदस्थापन विद्यालय सोनपुर के मध्य विद्यालय गंगाजल के तत्कालीन प्रधान शिक्षक की मृत्युपरांत विद्यालय संचालन की जिम्मेवारी मिली”। उन्होने इस विद्यालय में भी अपने सूझबूझ से तमाम सुविधाएं व्यवस्थित कीं और आज इस विद्यालय में सरकारी सुविधाओं में प्राइवेट स्कूलों की झलक दिखती है, क्योंकि यहां बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया जाता है। आरओ का पानी पिलाया जाता है। ऐसे ही तमाम तरह कि सुविधाएं इस स्कूल मे उपलब्ध है जो किसी प्राइवेट स्कूल मे ही देखने को मिलती है। उनके इसी सब परिश्रम का फल उन्हे राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने के रूप मे मिल रहा है।