आत्मनिर्भर भारत: केंद्र ने उधोग जगत से मांगी चीनी सामानों की लिस्ट, स्वदेशी पर होगा जोर

भारत ने चीन को आर्थिक मोर्चे पर घेरने की अपनी तैयारियों को एक कदम आगे बढ़ा दिया है। सरकार ने उधोग जगत से चीनी से आयात होने वाले सामानों की सूची मांगी है। जानकारी के मुताबिक चीन से आयात होने वाले गैर-जरूरी सामान की पहचान करने और उसकी जगह स्वदेशी सामानों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। दरअसल, सीमा पर चल रहे विवाद को देखते हुए प्रधानमंत्री ने चीनी निर्भरता कम करने की पहल की है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीनी सामान की निर्भरता कम करने के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, खिलौने, प्लास्टिक, फर्नीचर आदि से जुड़े व्यापर संघ के साथ बैठक भी की है। जिसके बाद इन उधोगों से सोमवार तक चीनी सामानों की विस्तृत सूची देने को कहा गया है। दूसरी तरफ सरकारी ठेकों में भी चीन सामानों और अन्य पाबंदियों पर सरकार लगातार जोर दे रही है।

सरकार की तैयारी अब निजी कंपनियों में भी चीनी सामानों की बिक्री रोकने की है। केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत के इस मिशन में राज्य सरकारों को भी साथ लेने की योजना बना रही है। जिसके तहत जल्द ही केंद्र राज्यों को पने खरीद अनुबंधों में संशोधन करने के लिए सकते है। नए संसोधन में निजी कंपनियों को जगह देने पर जोर दिया जाएगा। बता दे केंद्र सरकार ने हाल ही में 200 करोड़ रुपये तक के ठेके में सिर्फ देसी कंपनियों के लिए आरक्षित कर दिया है।

भारत के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी 14 फीसदी है। अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 के बीच चीन से भारत के लिए 62.4 अरख डॉलर ( 4.7 लाख करोड़ रुपये) की वस्तुओं का आयात हुआ है। वहीं, भारत से चीन के लिए 15.5 बिलियन डॉलर (1.1 लाख करोड़ रुपये) की वस्तुओं का निर्यात किया।

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