शिवसेना का बयान : राहुल गांधी का अपमान लोकतंत्र का ‘गैंगरेप’

उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए 19 वर्षीय दलित युवती की गैंगरेप की घटना के बाद प्रदेश की बीजेपी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस मामले में अब शिवसेना ने अपने मुख्यपत्र ‘सामना’ में उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शिवसेना ने ‘सामना’ में लिखा है कि ये कैसा हिंदुत्व है कि जब एक अभिनेत्री का अवैध निर्माण तोड़ा जाता है तो उसकी जोरदार आलोचना की जाती है, लेकिन जब एक लड़की के साथ गैंगरेप होता है और उसकी हत्या कर दी जाती है तो सरकार इसपर मौन साधे रहती है। यहाँ तक कि रातों-रात हिन्दू परम्पराओं के विपरित उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में योगी सरकार पर आंख मूंदने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन प्रधानमंत्री मोदी के हाथों हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ‘राम राज्य’ नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था के मामले में ‘जंगलराज’ है। महिलाओं पर अत्याचार, युवतियों के साथ बलात्कार के बाद हत्या करने की घटनाएँ योगी के राज्य में अपने चरमोत्कर्ष पर है।

‘सामना’ पत्र के माध्यम से शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि पीड़ित लड़की के परिजनों से मिलने जा रहे राहुल गांधी को प्रशासन ने न सिर्फ रोका बल्कि उनका कॉलर पकड़कर उनसे धक्का-मुक्की करके जमीन पर गिरा दिया देश के एक प्रमुख विरोधी दल के नेता के साथ ऐसा व्यवहार और उनका अपमान लोकतंत्र के ‘गैंगरेप’ होने जैसे लक्षण हैं। आगे लिखा गया है कि राहुल गांधी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हैं। राहुल गांधी महान इंदिरा गांधी के पौत्र और जुझारू राजीव गांधी के सुपुत्र हैं। इंदिरा और राजीव गांधी देश की संप्रभुता के लिए शहीद हुए। लेकिन देश के लिए खून छोड़िए, पसीने की एक बूंद भी जिन्होंने नहीं बहाई, ऐसे सत्ताधीशों के आदेश पर राहुल गांधी पर हमला किया गया। ऐसे लोग गांधी परिवार की कुर्बानी को नहीं समझेंगे।