सरफराज का मैदान में पानी और जूते लेकर आने को शोएब अख्तर ने बताया अपमान

सरफराज अहमद को 12वां खिलाड़ी बनाना पुर तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को अपमानजनक लगता है। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए अख्तर ने कहा कि सरफराज शादाब खान जैसे पूर्व कप्तान के लिए पानी और जूते लेकर मैदान में पहुंचना उसका अपमान है। दरअसल, चार साल टीम का नेतृत्व करने के बाद सरफराज को पाक टीम की कप्तानी से हटा दिया गया था। बता दे साल 2016 के टी-20 वर्ल्ड के बाद सरफराज खान को टीम का कप्तान बनाया गया था।

2019 टी-20 विश्वकप में खराब नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रदर्शन के बाद सरफराज को कप्तानी से हटा दिया गया था। अब कोरोना लॉकडाउन के बाद पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के 71वें ओवर के दौरान सरफराज 12वें खिलाडी के रूप में पानी और जूते लेकर मैदान में पहुंचे। जिसके बाद पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भड़क उठे और इसे किसी भी पूर्व कप्तान के लिए अपमानजनक करार दिया।

अख्तर ने कहा कि उन्हें यह सब देखना अच्छा नहीं लगा। यदि आप कराची के लड़के का यह उदाहरण पेश करना चाहते हो तो यह गलत है। चार साल पाकिस्तान क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने वाला, पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी जितवाने वाला पूर्व कप्तान जूते लेकर मैदान में आ रहा है। यदि वह खुद अपनी मर्जी से ऐसा करता तो उसे आपको रोकना चाहिए। वसीम अकरम कभी मेरे लिए जूते नहीं लाए। अख्तर ने कहा उन्हें सरफराज कमजोर और दब्बू लगा।

अख्तर ने कहा जिस प्रकार से सरफराज मैदान में जूते लेकर आये, उसी तरह उन्हें पाकिस्तान टीम का नेतृत्व करना चाहिए था। यही वजह है कि मिकी आर्थर ने हमेशा उन्हें डोमिनेट किया। मैं यह नहीं कह रहा कि जूते लेकर जाना को समस्या है, लेकिन पूर्व कप्तान को ऐसा नहीं करना चाहिए।

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