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साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है यह रोग

आपका दिल धमनियों (रक्त वाहिनी) में खून का संचार करता है और यह इतने फोर्स से खून का संचार करता है कि यह पूरे शरीर में आसानी से फैल सके और इसे ही ब्लड प्रेशर कहा जाता है। ब्लड प्रेशर का कम होना या ज्यादा होना शरीर के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है और इन दिनों कई लोगों में यह दिक्कत होती है।

मेडिकल की भाषा में इसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं और यह साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। कई लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत होती है और उन्हें पता भी नहीं चलता है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि ज्यादा ब्लड प्रेशर क्या होता है और इसका पता कैसे किया जाता है और इसका क्या इलाज होता है और कैसे होता है।

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ब्लड प्रेशर को दो नंबरों में मापा जाता है और जैसे कि 120/80 mm Hg। एक सामान्य आदमी का ब्लड प्रेशर 120-80 होता है और 120-139/80-89 प्रेशर प्री- हाईपरटेंशन में आता है। जबकि 140-159/90-99 और इससे ज्यादा प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता है। ब्लड प्रेशर के सामान्य ना रहने से आपको कई तरह की मुश्किलें हो सकती हैं और किडनी फेल होने या हार्ट अटैक होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। बताया जाता है कि ब्लड प्रेशर का बढ़ना खतरे का कारण ज्यादा बनता है।

क्या है ब्लड प्रेशर का कारण- हाई ब्लड प्रेशर के 90 फीसदी मामलों में ब्लड प्रेशर के कारणों का पता कभी नहीं चल पाता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण बताना मुश्किल है, लेकिन कुछ स्थितियों में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। हाई ब्लड प्रेशर आनुवांशिक कारणों, आयु की वजह से हो सकता है। वहीं महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले ये रोग होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। वहीं मोटापा बढ़ने, सोडियम की मात्रा अधिक होने से, ज्यादा शराब के सेवन से या फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने की वजह से ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा हो सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण- हाईपरटेंशन के कुछ खास लक्षण नहीं होते हैं और इसे साइलेंट किलर कहते हैं। वहीं जब ये एक दम से बढ़ जाता है तो रोगी को इसके बारे में हमे पता चलता है। ज्यादा प्रेसर बढ़ जाने पर सिर में दर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, उल्टी जैसा लगना या सीने में दर्द होने की शिकायत भी हो सकती है।


ब्लड प्रेशर का इलाज- ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए सबसे पहले इससे होने वाले कारण का पता लगाकर उस पर रोकथाम अवश्य करें। अगर आपके मोटापे की वजह से ब्ल्ड प्रेसर है तो मोटापा कम करने की कोशिश करें, एक्सरसाइज करें, शराब का सेवन बहुत कम करें। वजन में हल्की सी कमी होने से आपको काफी असर पड़ सकता है।

कई रिसर्च में सामने आया है कि हर रोज 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी आपकी इस बीमारी का इलाज कर सकती है। वहीं इसका नियमित चैक-अप करवाते रहें और इसके शुरुआत में ही इसका इलाज शुरू कर दें, सोडियम की डाइट पर नियंत्रण करें। इसके लिए आपको जंक फूड में भी भारी कमी लानी होगी।

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