खतरनाक होता है धुम्रपान का सेवन, ऐसे करें छोड़ने की तैयारी,वरना……

आजकल देश में बहुत ज्यादा लोग धूम्रपान से पीड़ित है। यह एक प्रकार के निकोटियाना प्रजाति के पेड़ के पत्तों को सुखा कर नशा करने की ही वस्तु बनाई जाती है। दरअसल तम्बाकू एक बहुत ही मीठा जहर होता है, एक धीमा जहर. हौले-हौले यह आदमी की जान लेता है। सरकार को भी शायद यह पता नहीं कि तम्बाकू से वह राजस्व प्राप्त करनी है, यह बात तो सही है किंतु यह भी सही है कि तम्बाकू से उत्पन्न रोगों के इलाज पर जितना जयादा खर्च किया जाता है, यह राजस्व उससे कहीं ज्यादा कम है।

-सिगरेट पीने वाले सिगरेट द्वारा न केवल स्वयं को बहुत ज्यादा शारीरिक हानि पहुँचा रहे है बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से (पैसिव स्मोंकिंग द्वारा) परिवार तथा बच्चों में भी तम्बाकू का विष भी पहुँचा रहे हैं। यह सब जानते हुए भी वह इनका सेवन कतई बन्द नही कर पाते। जब भी वह इसका सेवन बंद करते है, तो उन्हें इतनी ज्यादा बेचैनी होती है कि वे उनका फिर से सेवन शुरू कर देते है।

-इसके लिए यह बहुत आवश्यक है कि व्यक्ति खुद को तैयार करे कि वह एक निश्चित दिन से धुम्रपान करना खुद बंद कर देगा। इसकी घोषणा पूरे परिवार में कर दे। निश्चित दिन के पहले घर से सिगरेट पाउच, एशट्रे, आदि धुम्रपान वस्तुओं को फेंक दे। निश्चित दिन में धुम्रपान करना बंद कर दे। यदि धुम्रपान करने की इच्छा हो तो अपने को सांत्वावना दे। अधिक से अधिक पानी पीएँ। ऐसा करके आप धुम्रपान करना छोड़ सकते हैं। यह बहुत कुछ आपके इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है।

-खैनी, जर्दा खाना या गुल, गुड़ाकू का अधिक प्रयोग किसी भी तरह धुम्रपान के उपयोग से अलग नही है। यदि कोई इन पदार्थो को छोड़ना चाहे तो उसे भी स्वयं को तैयार कर इच्छाशक्ति द्वारा इन पदार्थों के आदतों से मुक्ति पा सकते हैं।

-जब कोई व्यक्ति चाह कर भी तम्बाकू तथा उससे संबंधित मादक पदार्थ बंद नही कर पाये और यदि वह इस विषय में बहुत गंभीर है तो इसके लिए सी. आई. पी. आदि कई संस्थानों में नशाबंदी के लिए विशेष सुविधा है। इसमें मनोवैज्ञानिक रूप से रोगियों को तैयार किया जाता है तथा उचित औषधियों तथा व्यवहार चिकित्सा द्वारा इसका इलाज किया जाता है।

अदरक के पानी का करें सेवन, सेहत के लिए होगा बहुत लाभकारी