कुछ राज्य सरकारें अपनी नाकामी से ध्यान हटाने और लोगों में डर फैलाने का प्रयास कर रही हैं: स्वास्थ्य मंत्री

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने कहा कि कुछ राज्य सरकारें अपनी नाकामी से ध्यान हटाने और लोगों में कोविड महामारी के बारे में डर फैलाने का प्रयास कर रही हैं जो निंदीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई राज्यों की सरकार समुचित उपाय करने और महामारी के दौरान पिछले एक वर्ष में मिली सीख से लाभ उठाने में असफल रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने एक बयान में कहा कि राजनीतिक दलों का एक वर्ग 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीके लगाने या वैक्सीन देने की न्यूनतम उम्र सीमा को बेहद कम करने की मांग कर रहा है। ऐसे बयानों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि टीकाकरण का प्राथमिक उद्देश्य अत्यधिक संवेदनशील लोगों में मृत्यु दर कम करना और महामारी को परास्त करने में समाज को समर्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि जब तक वैक्सीन की आपूर्ति सीमित है, तब तक प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

डॉक्टर हर्ष वर्धन ने कहा कि महाराष्ट्र में केवल 86 प्रतिशत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ही पहला टीका लगाया जा सका है। दिल्ली में केवल 72 प्रतिशत और पंजाब में 64 प्रतिशत का ही टीकाकरण किया जा सका। दूसरी तरफ, दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया। स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि ये राज्य टीकाकरण के प्रयासों में विफलता से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन की कमी के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की आपूर्ति पर पल-पल नजर रखी जा रही है और राज्य सरकारों को नियमित रूप से जानकारी दी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के लचर और सुस्त रवैये ने वायरस से लड़ने के पूरे देश के प्रयासों पर पानी फेर दिया है। यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने पूरे प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों और कोविड से मृत्यु के मामले में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है और यह दुनिया के उन क्षेत्रों में से एक है, जहां संक्रमण दर सबसे अधिक है।

डॉक्टर हर्ष वर्धन ने सभी राज्यों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनकी सहायता के लिए जो कुछ भी कर सकती है, वह सब कुछ कर रही है। उन्होंने कहा कि महामारी को परास्त करने के लिए हर किसी को मिल कर काम करना होगा।

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