कहीं आप बाइपोलर डिसॉर्डर के शिकार तो नहीं हो गये

ज्यादा खुशी और ज्यादा उदासी भी है घातक, कहीं आप भी इस बीमारी के तो नहीं हो रहे हैं शिकार।

आमतौर पर हंसना और रोना परिस्थितियों पर निर्भर करता है. लेकिन कुछ लोगों को हर दो मिनट में खुश होने और दुखी होने की आदत होती है. अगर आपको भी इस तरह की समस्या है तो आपका सावधान होना जरूरी है, क्योंकि आप एक गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं.

👉 बाइपोलर डिसऑर्डर

जी हां, दरअसल यह मानसिक बीमारी है, जिसे बाइपोलर डिसऑर्डर कहते हैं. इस बीमारी में दिल और दिमाग कभी बहुत उदास हो जाता है तो कभी बहुत खुश हो जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी 100 लोगों में से 1 को होती है. इस बीमारी के चपेट में पुरुष और स्त्री दोनों आ जाते हैं. यह बाइपोल डिसऑर्डर 60 फीसदी मर्दों में और 40 फीसदी महिलाओं में पाई जाती है.

👉 कई बार लोगों को नही हो पाता है इलाज

कई बार इस मानसिक बीमारी का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता है. कई लोग कई लोग इसे सामान्य मानते हैं जिस वजह से मरीज का इलाज नहीं हो पाता है. इस बीमारी में मरीज के मन में उदासी, चिड़चिड़ापन, घबराहट, भविष्य के बारे में निराशा, ऊर्जा की कमी, अपने आप से नफरत, नींद की कमी, मन में रोने की इच्छा, आत्मविश्वास की कमी बनी रहती है.

👉 सुसाइड तक का मन में आने लगता है ख्याल

एक सर्वे से पता चला कि देश में करीब 0.3 प्रतिशत यानी 1000 में से 3 लोग इससे पीड़ित हैं. वहीं इस बीमारी के चलते लोग सुसाइड करने के बारे में सोचते हैं. वहीं मरीज का काम में मन नहीं लगता है और उसे बाहर जाने से डर लगने लगता है. मरीज खुदको कमरे में बंद कर लेता है और किसी से बात नहीं करता है।