Breaking News
Home / ट्रेंडिंग / इस बॉलीवुड सुपरस्टार ने खुद चिपकाए थे अपनी फिल्म के पोस्टर, ऑटो वाले ने लगाई थी फटकार

इस बॉलीवुड सुपरस्टार ने खुद चिपकाए थे अपनी फिल्म के पोस्टर, ऑटो वाले ने लगाई थी फटकार

हम जिस एक्टर को पसंद करते हैं। उसके जैसा दिखने के लिए काफी हद तक उसे फॉलो भी करते हैं। अपने फेवरेट एक्टर जैसा लाइफस्टाइल, लुक पाने के लिए काफी मेहनत भी करते हैं। उसकी जैसी पर्सनेलिटी पाने के लिए काफी हद तक मेहनत करते हैं। लेकिन, ज्यादातर ऐसा मुमकिन नहीं हो पाता है। क्योंकि, वह एक्टर जहां ओर जैसा उस पोजीशन की काबिलियत यानि डिजर्व करता है। हमारे अंदर भी कई खूबियां हैं जिसका इस्तेमाल हम अच्छे कामों के लिए कर सकते हैं। लेकिन, अपने फेवरेट एक्टर जैसा बनने से पहले आप यह जान लीजिए कि उसने यहां तक पहुंचने से पहले कितना संघर्ष किया है। शायद यह चीज समझकर आप भी कहेंगे वह सिर्फ पर्दे का हीरो नहीं बल्कि रियल लाइफ भी हीरो है। आपको आज हम ऐसे ही बॉलीवुड के सुपरस्टार के संघर्ष से जुड़े किस्से सुनाएंगे जिन्हें पढक़र आप भी कहेंगे वाकई वह इस पोजीशन के काबिल हैं।  कई एक्टर ऐसे हैं जो बॉलीवुड के शिखर पर राज कर हरे हैं। लेकिन क्या आपको पता है, इससे पहले इन्होंने कितना संघर्ष किया है। संघर्ष के दौरान इन स्टार्स को भी नहीं पता था कि वो इतने बड़े एक्टर बन देश ओर दुनिया में इतना  नाम कमाएंगे।

आमिर खान के पिता नहीं चाहते थे, बेटा बने एक्टर

Loading...

आमिर खान के वालिद यानि पापा ताहिर हुसैन जाने माने डायरेक्टर  थे और उनके बड़े पापा यानि नासिर हुसैन हिंदी फिल्मों के बड़े फिल्म प्रोड्यसरों और डायरेक्टरों में गिने जाते थे। लेकिन वक्त बदला और इस परिवार की आर्थिक हालत खराब हो गई। आमिर खान ने शूटिंग स्थलों पर सहायक के तौर पर काम करना शुरु कर दिया। आमिर के पापा चाहते थे कि आमिर डॉक्टर या इंजीनियर बनें और सेटल हो जाएं।

ताहिर हुसैन नहीं चाहते थे कि आमिर फिल्मों में आएं। लेकिन आमिर संघर्ष करते रहे। एक दिन शूटिंग स्थल पर एक्ट्रेस तबस्सुम ने उन्हें देखा और कहा कि तुम अच्छे दिखते हो हीरो बनने की ट्राई करो। आमिर को यह बात जंच गई और वो हीरो बनने के सपने देखने लगे।

आमिर ऐसे बने हीरो

उसी दौरान आमिर के ताऊ नासिर हुसैन एक नई फिल्म की तैयारी कर रहे थे और आमिर के साथ खंडाला में थे। जावेद अख्तर को जब पता चला कि नासिर साहब इसी होटल में हैं तो उनसे मिलने उनके कमरे मे चले गए। बकौल जावेद अख्तर मैं नासिर साहब से मिला और हमने एक दूसरे का हालचाल पूछा मैंने देखा एक खूबसूरत और मासूम सा दिखने वाला लडक़ा कौने में टेबल पर बैठा कुछ लिख रहा था। मैंने पूछा नासिर साहब यह लडक़ा कौन है।

नासिर हुसैन ने कहा कि यह अपने ताहिर (आमिर के वालिद और नासिर हुसैन के छोटे भाई) का लडक़ा है, इसको साथ लेकर आया हूं, मैं नई फिल्म की कहानी पर काम कर रहा हूं इसलिए इसको भी साथ लेकर शहर से दूर आया हूं, ताकि यह भी कुछ सीख सके। जावेद अख्तर ने कहा कि नासिर साहब आप यह क्या कर रहे हैं इसे तो आप फिल्म का हीरो बनाइए। यह सुनकर नासिर हुसैन थोड़ी देर खामोश हो गए, और मुस्कुराकर रह गए। हालांकि, यह बात उनके दिल में घर कर गई। इसके बाद उन्होंने घर में सलाह मश्विरा कर आमिर को फिल्म के लीड एक्टर के तौर पर फाइनल कर दिया। उसके बाद की कहानी आपको पता है कि आज आमिर कहां हैं।

एक्टर बने- लेकिन, कम नहीं हुईं मुश्किलें

फिल्म में आमिर खान को एक एक्टर के तौर पर लांच कर दिया गया। फिल्म बनकर तैयार हो गई। उस वक्त नासिर साहब के होम प्रोड्क्शन की माली हालत कुछ सही नहीं चल रही थी। हालांकि, फिल्म की लागत बहुत कम आई क्योंकि, फिल्म के  एक्टर आमिर खान घर के ही थे, इसके अलावा फिल्म का निर्देशक मंसूर अली खान यानि नासिर हुसैन के लडक़े भी घर के थे। उन्हें इस फिल्म से फिल्म निर्माता और निर्देशक के तौर पर लांच कर दिया गया। फिल्म की अन्य स्टार कास्ट जूही चावला (लीड एक्ट्रेस) दिलीप ताहिल , राज जुत्शी और गोगा कपूर जैसे सितारों की स्टार कास्ट थी। फिल्म बनकर तैयार हो गई। अब वक्त था उसके प्रमोशन का। उस वक्त आज की तरह सोशल मीडिया जैसे प्रमोशन के इतने सोर्स नहीं थे। सिर्फ होर्डिंग और पोस्टर के सहारे ही फिल्म का प्रमोशन किया जाता था। ऐसे में आमिर खान ने खुद सडक़ दर सडक़ भटककर अपनी फिल्म के पोस्टर चिपकाए। वह आसपास की बिल्डिंग में जाते और हर फ्लैट की घंटी बजाकर अपनी फिल्म के बारे में बताकर लोगों से फिल्म देखने की अपील किया करते थे।

ऑटो वाले ने फटाकारा

एक बार ऐसे ही आमिर खान सडक़ पर अपने पोस्टर लेकर चलते राहगीरों से फिल्म के पम्पलेट और पोस्टर दिखाकर  अपनी फिल्म देखने की अपील कर रहे थे। तभी एक ऑटो पर उन्होंने अपनी फिल्म का बड़ा सारा पोस्टर चिपका दिया था। इस बात से नाराज ऑटो वाले उन्हें जमकर लताड़ा और पोस्टर हटाने को कहा लेकिन, आमिर ने समझा बुझाकर पोस्टर लगा रहने की अपील की।

बॉलीवुड को मिल गया एक नया सुपरस्टार

और वह दिन भी आ गया जब 1988 में फिल्म कयामत से कयामत तक रिलीज हुई। फिल्म ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिये और आमिर खान रातों रात सुपरस्टार बन गए। आमिर खान की लोकप्रियता का आलम यह था कि वह जहां जाते थे लड़कियों की कतारें उनकी एक झलक पाने के लिए लग जाती थीं। उनकी खूबसूरती देखकर उन्हें चॉकलेटी हीरो का खिताब दिया गया। आज इन बातों को तीस साल से ज्यादा बीत चुके हैं और आमिर खान आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार बने हुए हैं।

बॉक्स ऑफिस के गेम चेंजर

आमिर खान आज बॉलीवुड के ऐसे सुपरस्टार हैं जिनकी फिल्में सफलता की गारंटी मानी जाती हैं। उनकी फिल्में करोड़ों के बिजनेस करती हैं। बॉलीवुड में 100,200, 300 करोड़ क्लब का ट्रेंड उनकी फिल्मों से ही शुरु हुआ है। बॉलीवुड की टॉप पांच फिल्मों में उनकी पीके और दंगल भारत की सबसे ज्यादा बिजनेस करने वाली फिल्म है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *