सूरत गैसकांड: दो और हुई गिरफ्तारी ,17 जनवरी तक ली गई रिमांड

सचिन जीआईडीसी में रोड नंबर 3 पर नाले में जहरीला केमिकल डालने से गैस त्रासदी में 6 मजदूरों की मौत की घटना में क्राइम ब्रांच ने संगम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड के दो भागीदारों को गिरफ्तार किया। इससे पहले आशीष गुप्ता नाम का पार्टनर पकड़ा जा चुका था यह अन्य दो पार्टनर भी उसी कंपनी के थे। बड़ौदा के संगम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड में तीन पाटनर से जिसमें से एक आशीष गुप्ता दूसरा मैत्री बैरागी और तीसरा निलेश बहेरा है।

जिसमें से 39 वर्षीय मैत्री सन्मुख वैरागी भरूच के मुक्तानंद सोसायटी का रहने वाला है और दूसरा 28 वर्षीय निलेश पीतांबर बहेरा बड़ौदा के संगम एनवायरो की ऑफिस में ही रहता है और वह मूल ओडिशा का रहने वाला है। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी निलेश के माता-पिता सूरत में रहते हैं और वह हफ्ते भर पहले ही एक बार सूरत आया था।

मुंबई के तलोजा एमआईडीसी इलाके में हिकल केमिकल कंपनी ने सोडियम हाइड्रोसल्फाइड केमिकल ₹14 लीटर के हिसाब से 25000 लीटर के 3.50 लाख रुपए में उसे निकालने के लिए बड़ौदा की संगम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड के साथ सौदा किया था। जहरीला केमिकल अंकलेश्वर में रोड पर ही केमिकल माफियाओं द्वारा दूसरे टैंकर में भरकर आशीष गुप्ता ने अपने दो साथी जय प्रताप और विशाल को सौंपा था

इसके बाद टैंकर चालक सुरेंद्र सिंह को सूरत सचिन जीआईडीसी में भेजा गया था। सचिन जीआईडीसी में केमिकल माफिया संदीप गुप्ता का भाई प्रेम सागर गुप्ता ने ड्राइवर को जहरीला केमिकल निकालने की जगह बताई थी। इसके अलावा सचिन जीआईडीसी के यार्न के दो इंडस्ट्रियलिस्ट को भी नाले में केमिकल का पानी छोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है लेकिन वह दोनों कोरोनावायरस से पॉजिटिव आए हैं।

यार्न कंपनी चलाने वाले दो गिरफ्तार

जहरीले केमिकल नाले में छोड़ने के लिए छह लोगों की मौत के मामले में जीपीसीबी के स्टाफ के साथ फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री तथा पुलिस की टीम जांच कर रही है। इसी दौरान नाले में जहरीला केमिकल छोड़ने का काम किया गया था उसी नाले में पास की यार्न फैक्ट्री से केमिकल का पानी छोड़ा जा रहा था यह बात जांच में सामने है जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने सचिन जीआईडीसी के दो फैक्ट्री चलाने वालों को गिरफ्तार किया है ।

इसमें एक का नाम विजय डोबरिया है तो दूसरे का नाम सौरभ गवानी है फिलहाल दोनों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी कोरोनावायरस राई गई जिसके बाद वह पॉजिटिव पाए गए। घटना जिस जगह बनी थी वहां से डेढ़ किलोमीटर के एरिया में दोनों के इंडस्ट्री कलर यार्न बनाती है।

पुलिस कॉन्स्टेबल विक्रम के मोबाइल से 143 कॉल किए गए थे

जहरीला केमिकल माफिया के साथ सचिन पुलिस स्टेशन के विक्रम गोविंद घांघर की सांठगांठ सामने आई जिसको लेकर शनिवार को विक्रम के खिलाफ कार्रवाई कर उसे सस्पेंड कर दिया गया था। जांच में यह पता चला है कि विक्रम आरोपी प्रेम गुप्ता के साथ लगातार मोबाइल पर संपर्क में था और उनके बीच करीब 143 कॉल किए गए हैं ऐसी बात सामने आई। इतना ही नहीं विक्रम पुलिस अफसर और जीपीसीबी के भी संपर्क में लगातार बना हुआ था ऐसी बात चल रही है।

सोमवार शाम तक मुंबई की कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना

मुंबई के तलोजा एमआईडीसी केमिकल कंपनी के तीन डायरेक्टरों से क्राइम ब्रांच शनिवार देर रात से लगातार पूछताछ कर रही है ऐसी भी बात सामने आ रही है कि इन तीनों डायरेक्टरों के खिलाफ पुलिस को कई सारे दस्तावेज मिले हैं जिसके आधार पर कंपनी के डायरेक्टरों की कई खामियां बाहर आने की भी आशंका है जिसके कारण कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ 1 से 2 दिनों के भीतर कारवाई होने की संभावना है।

पकड़े गए दोनों पार्टनर 8 दिनों की रिमांड पर

आशीष गुप्ता के दोनों पार्टनर मैत्री और नीलेश को क्राइम ब्रांच द्वारा कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें 17 जनवरी तक की रिमांड पर भेजा गया है। इसके अलावा जो अन्य चार आरोपी पकड़े गए हैं उनकी भी रिमांड 17 जनवरी तक ही की गई है।

रिमांड के मुद्दे

मुंबई की हिकल कंपनी से केमिकल लाने में इन दोनों आरोपियों की मुख्य भूमिका है या नहीं।

केमिकल लाने के लिए उपयोग में आए वाहन तथा केमिकल लाने के लिए अन्य किसकी क्या भूमिका है।

संगम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड वडोदरा में दोनों आरोपी पार्टनर के तौर पर है इनकी भूमिका की जांच की जाएगी।

वेस्ट जहरीले केमिकल प्रोसेस किए बिना ही सार्वजनिक तौर पर छोड़ने में किसकी किसकी मिलीभगत है इसकी जांच जरूरी।

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