diabetes के लिए बहुत फायदेमंद है शकरकंद, होते हैं बहुत फायदे

कई सारे लोगों का ऐसा मानना है कि शकरकंद स्वाद में मीठी होती है, इसलिए शकरकंद डायबिटिज के रोगियों को नहीं खानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की ओर से जारी टॉप 10 डायबिटीज सुपर फूड की सूची में शकरकंद को भी शामिल किया गया है, यानि शकरकंद डायबिटीज के नियंत्रण में काफी कारगर होती है। भारत में भी काफी मात्रा में शकरकंद की पैदावार होती है और एशिया सबसे बड़ा उत्पादक है। स्टार्च और फाइबर से युक्त शकरकंद में आलू की आधी मात्रा में ग्लाइकेमिक इंडेक्स होता है। साथ ही शकरकंद अपने कार्बोहाइड्रेट की वजह से वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए और डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।

साल 2004 में की गई एक रिसर्च में सामने आया है कि टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों में शकरकंद की वजह से ब्लड ग्लूकोज की मात्रा कम हुई है और इससे ग्लूकोज भी नियंत्रण में है। कई रिसर्च में ये भी पता चला है कि इससे डायबिटीज के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। वहीं शकरकंद को अलग अलग तरीके से खाया जाता है और यह भी शकरकंद के ग्लाइकेमिक इंडेक्स को प्रभावित करता है। इस स्थिति में शकरकंद को उबालकर और पीसकर खाने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि यह जल्दी पच जाता है और ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को शकरकंद को छिलके के साथ तेल में हल्का तलकर खाना चाहिए।

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार शकरकंद में फाइबर और विटामिन सी, विटामिन ए, जिंक जैसे एंटीऑक्सिडेंट तत्व और विटामिनट बी, आयरन, पौटेशियम, मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है. जो कि हर्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों से बचाव करते हैं। नारंगी रंग वाले शकरकंद में बेटा-कारोटेन की मात्रा अधिक होती है और इस तरह की 125 ग्राम शकरकंद के सेवन से विटामिन-ए की पूर्ति हो सकती है। वहीं आप शकरकंद का सेंक कर भी सेवन कर सकते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

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