बच्चों की आई चेकअप को ले सीरियसली नहीं तो बाद में पड़ेगा पछताना

Mother holding her cute baby girl while pediatrician doing an eyesight test with diagnostic light pen. Selective focus to cute baby.

जब भी आपकी आंखों में तकलीफ होती है तो आप डाॅक्टर के पास जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटे बच्चों की आंखें कब चेक करवाई जानी चाहिए। नहीं न, तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं-

जब बच्चा एक साल का हो जाए तो आपको उसे एक बार आई स्पेशलिस्ट के पास अवश्य जाएं। वहीं जब आप बच्चे को किंडरगार्डन भेजने की तैयारी कर रहे हैं, तब भी एक बार उसकी आंखें अवश्य चेक करवाएं। छोटे बच्चों का आईचेकअप कई मायनों में आवश्यक होता है। सबसे पहले तो इतने छोटे बच्चे अपनी परेशानी को बोलकर नहीं बता सकते।

ऐसे में अगर उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ होगी तो वे चेकअप के जरिए आपको आसानी से पता चल जाएगा। साथ ही इससे भविष्य में किसी भी तरह की दिक्कत होने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।
अक्सर देखने में आता है कि माता-पिता आईचेकअप को बहुत अधिक सीरियसली नहीं लेते, जिसके कारण बच्चे की कुछ परेशानियां डायग्नोस ही नहीं हो पातीं। कभी-कभी ये गंभीर रूप भी ले लेती हैं।

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