तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने केंद्र सरकार से ईंधन पर लगाए गए उपकर वापस लेने की माँग की ।

केंद्र की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार पर ईंधन की कीमतों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रविवार को केंद्र से पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए उपकर की वसूली वापस लेने की मांग की।

केंद्र सरकार पर ईंधन की कीमतों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रविवार को केंद्र से पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए उपकर की वसूली वापस लेने की मांग की।

ईंधन की कीमतों पर राज्य कर में कमी की मांग को लेकर राज्य के भाजपा नेताओं के प्रस्तावित आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति ईंधन पर उपकर वापस लेने की मांग के खिलाफ केंद्र के खिलाफ एक जवाबी आंदोलन शुरू करेगी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि, “मैं अपने मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के साथ नई दिल्ली में ईंधन पर उपकर हटाने, कठोर कृषि कानूनों को वापस लेने और एपी पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने सहित विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दूंगा।”

उन्होंने तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की कि लोगों को इस रबी मौसम में धान की खेती के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा गया है और भाजपा मुख्यमंत्री को अपने घुटनों पर लाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य सरकार पूरा धान खरीद ले।

उन्होंने कहा, “यह एक गैरजिम्मेदाराना और विचारहीन बयान है। लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों से चावल खरीदना केंद्र की जिम्मेदारी है। चावल की खरीद और भंडारण केंद्र के दायरे में है। राज्यों के पास अन्य देशों को चावल बेचने का अधिकार नहीं है।”

उन्होंने बताया कि इस वर्ष तेलंगाना ने प्रचुर मात्रा में वर्षा और जलाशयों के पूर्ण होने के कारण रिकॉर्ड मात्रा में धान का उत्पादन किया था। उन्होंने कहा ल, “केंद्र की ओर से कोई स्पष्टता नहीं है कि वह राज्य से कितनी मात्रा में उबले और कच्चे चावल की खरीद करेगी। उसने लिखित में दिया कि वह आगामी रबी सीजन में राज्य से एक किलो उबले चावल भी नहीं खरीद पाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इसीलिए, हम किसानों से इस रबी सीजन में धान की खेती के लिए नहीं जाने का अनुरोध कर रहे हैं। यदि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को उनसे कोई सरोकार है तो उन्हें केंद्र पर पूरा धान खरीदने के लिए दबाव बनाना चाहिए। ऐसे में हमें धान की खेती को बढ़ावा देने में कोई ऐतराज नहीं है।”

मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि “वह इतने वर्षों से भाजपा के प्रति संयम बरत रहे हैं केवल इसलिए कि वह राज्य के हित में केंद्र के साथ टकराव में नहीं पड़ना चाहते। लेकिन हमने अपना धैर्य खो दिया है और हम अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी पार्टी के नेता और कैडर सड़कों पर उतरेंगे और केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ेंगे। अगर बंदी संजय अपनी हद से आगे निकल गया, तो मैं उसकी जीभ काट दूंगा और उसकी गर्दन तोड़ दूंगा।”