Breaking News
Home / ट्रेंडिंग / ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के लिए यह चार घटनाक्रम हैं जिम्मेदार

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के लिए यह चार घटनाक्रम हैं जिम्मेदार

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की शुरुआत आज नहीं बल्कि आज से 66 साल पहले ही हो चुकी है। इसके बाद समय-समय पर इस तरह के घटनाक्रम होती रहे हैं। जिसने इन तनाव और विवादों को और अधिक बढ़ा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने विश्व में युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है। पिछले दिनों अमेरिका ने ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया।

इसके बदले में इराक पर स्थित अमेरिकी एंबेसी में दो रॉकेट रॉकेट हमले हुए। फिर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर यही हुआ तो 52 ईरानी ठिकानों पर अमेरिका के द्वारा हमले किए जाएंगे।  इस तरह की पलटवार से यह मुद्दा और तनाव बहुत अधिक बढ़ने लग गया है। जिसका असर पूरे विश्व पर दिखाई देगा।

Loading...

आइए जाने उन चार प्रमुख घटनाओं के बारे में जो पिछले 66 साल में हुए। जिसने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।

1. 1953 तख्ता पलटः

सबसे पहले इस दूशमनी की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ब्रिटेन की एम आई 6 के साथ मिलकर ईरान में तख्तापलट करवाया। इन दोनों खुफिया एजेंसी ने अपने फायदे के लिए ईरान के प्रधानमंत्री मोहम्मद मूसादेग को सत्ता से बेदखल कर दिया। इस समय अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान से बहुत बड़ा तेल का से ईरान से बहुत बड़ा तेल का से अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान से बहुत बड़ा तेल का से ईरान से बहुत बड़ा तेल का से बहुत बड़ा तेल का व्यापार कर फायदा कमाया था।

2. 1979 की ईरानी क्रांतिः

1953 में हुए ईरान के तख्तापलट का नतीजा यह क्रांति थी। 1979 में अमेरिका अमेरिका ने ईरान के शाह रजा पहलवी को लोकतंत्र के नाम पर हटाकर, उनकी जगह आयो तुल्लाह खुमानी को सत्ता पर बिठाया। लेकिन सत्ता पर बैठते हीं खुमानी ने अपना रंग बदला। उन्होंने खुद को वामपंथी आंदोलन से अलग करके नई क्रांति कि ईरान में शुरुआत की। इसी क्रांति के परिणाम स्वरुप ईरान और अमेरिका के राजनैतिक संबंध खत्म हो गए।

3. अमेरिकी दूतावास संकटः

1979 ईरानी क्रांति के बाद खत्म हुए ईरान और अमेरिका के संबंध के बाद। ईरानी छात्रों के एक विद्रोही समूह ने अमेरिकी दूतावास को अपने कब्जे में लेकर 52 अमेरिकी नागरिकों को बंधक बना लिया। यह भी कहा जाता है कि यह उस समय खुमानी के मौन समर्थन से हुआ था।

यह सब कुछ चल ही रहा था कि बीच में सद्दाम हुसैन ने 1980 में ईरान पर हमला कर दिया। इसके बाद ईरान और इराक के बीच कुल 8 सालों तक के बीच कुल 8 सालों तक युद्ध चला। इस युद्ध में अमेरिका ने ईरान से अपना बदला निकालने के लिए सद्दाम हुसैन का साथ दिया। जिसने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को बढ़ा दिया।

4. 2015 ईरान अमेरिका परमाणु समझौताः

जब कुछ सालों बाद ईरान और अमेरिका में तनाव की स्थिति थोड़ी कम होने लगी। तब उस समय के अमेरिकी तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में एक ज्वाइंट कंप्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन बनाया। इसके तहत अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौता किया। लेकिन बराक ओबामा के द्वारा शुरू किए गए इस समझौते को, ट्रंप ने सत्ता में आते ही एकतरफा फैसला लेते हुए समझौता रद्द कर दिया।

साथी ट्रंप सरकार ने ईरान पर पर सरकार ने ईरान पर पर कई तरह के प्रतिबंध लगाएं। दुनिया के कई देशों को खुलकर धमकी दी कि जो ईरान का साथ देगा अमेरिका उनके उनके साथ संबंध नहीं रखेगा, व्यापारिक संबंध भी खत्म कर देगा।

ये 66 साल की लड़ाई और तनाव ईरानी प्रमुख कमांडर कासिम सुलेमानी कि अमेरिका द्वारा हत्या होने पर और अधिक बढ़ गया है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *