घरेलू रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, रक्षामंत्री ने DRDO की नई नीति को दी मंजूरी

घरेलू रक्षा उद्योग की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हथियार खरीद की नीति में कुछ अहम बदलाव किये हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की इस नई खरीद नीति को स्वीकृति दे दी हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नई खरीद नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम हैं। इसी के तहत घरेलू रक्षा उद्योगों की भागीदरी प्रक्रिया आसान की गई हैं।

रक्षामंत्री ने कहा ‘डिजाइन और विकास संबंधी गतिविधियों में इन भारतीय कंपनियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। नई नीति में कुछ जरुरी पहलू शामिल किये गए हैं, जिसमें अग्रिम भुगतान की सीमा बढ़ाना, पहले बोलीकर्ता के पीछे हअने पर दूसरी न्यूनतम बोली लगाने वाले को ऑर्डर देना शामिल हैं।

नई नीति में बकाया जमा करने के लिए बोली की सुरक्षा की घोषणा का विकल्प भी दिया जाएगा। साथ ही वितरण अवधि के विस्तार की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया हैं। इसके अलावा उद्योगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए अन्य कई आंतरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने 2025 तक रक्षा विनिर्माण में 1.75 लाख करोड़ रुपये (25 बिलियन अमरीकी डॉलर) का कारोबार करने का लक्ष्य रखा है। एक अनुमान के मुताबिक भारतीय सेना अगले पांच साल में पूंजी खरीद में 130 खरब अमरीकी डालर खर्च करेगी।

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