उत्तर प्रदेश को देश के समृद्ध राज्यों की श्रेणी में लाना है लक्ष्य: योगी

लखनऊ (एजेंसी/वार्ता): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जाति धर्म की विभाजनकारी रेखाओं ने उत्तर प्रदेश को बहुत नुकसान पहुंचाया है और उनकी सरकार का लक्ष्य इन विकृतियों को समाप्त कर प्रदेश को देश के समृद्ध राज्यों की श्रेणी में लाने का है।

उत्तर प्रदेश के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर श्री योगी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा “ हम उत्तर प्रदेश को अंधकार से निकालकर विकास की ऊंचाइयों की तरफ लेकर जा रहे हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, मत और मजहब की विभाजनकारी रेखाओं ने उत्तर प्रदेश की अपूर्णीय क्षति की है। इन विकृतियों को सर्वथा के लिए समाप्त करके हमें उत्तर प्रदेश को देश के समृद्ध राज्यों के श्रेणी में लाना होगा। इसके लिए हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना एक भारत श्रेष्ठ भारत के साथ जुड़ना होगा। साथ ही विभाजनकारी ताकतों को बेनकाब करते हुए भ्रष्टाचार पर जोरदार प्रहार करना होगा।”

अवध शिल्प ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश ने भारत की वैदिक परंपरा से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया है। देश के प्रथम स्वन्त्रता संग्राम का केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश बना था। बैरकपुर में मंगल पांडेय ने क्रांति का उदघोष किया था, जो झांसी से रानी लक्ष्मीबाई, गोरखपुर से बन्धु सिंह, मेरठ से धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में आगे बढ़ा। चौरी चौरा की घटना और काकोरी का ट्रेन एक्शन इसी प्रदेश में हुआ था। यह भूमि स्वधीनता संग्राम सेनानियों और अनगिनत बलिदानियों की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के वैदिक ज्ञान की आधारभूमि सीतापुर का नैमिषारण्य इसी प्रदेश में है। हमारे पास सब कुछ है, लेकिन आधुनिक भारत में इस सब पर गौरव और गरिमा की अनुभूति प्रधानमंत्री मोदी ने कराई। आज उत्तर प्रदेश फिर से अंगड़ाई लेकर उठ खड़ा हुआ है और आगे बढ़ रहा है। 2017 में जब प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनी तो पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने हम सबको उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाने के लिए प्रेरित किया। पहले स्थापना दिवस का शुभारंभ उन्हीं के हाथों हुआ था। इस अवसर पर हमारी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) शुरू की थी।

श्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले दंगों और अपराध के गढ़ के रूप में विख्यात था। आज उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट के हब के रूप में विख्यात हो रहा है। यह नये उत्तर प्रदेश की कहानी है। जी 20 की अध्यक्षता करने का अवसर भारत को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी की वजह से जी 20 के 11 से ज्यादा कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में होने जा रहे हैं। जिन चार शहरों में ये कार्यक्रम होंगे उनमें से एक लखनऊ है।

उन्होंने कहा कि 10-12 फरवरी को ग्लोबल इन्वेटर्स समिट के माध्यम से लाखों करोड़ रुपये का निवेश उत्तर प्रदेश में आने जा रहा है। अब यहां के युवाओं को नौकरी और रोजगार के लिए दुनिया के अन्य देशों और देश के अलग-अलग राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। बल्की यहीं ढेर सारे अवसर उपलब्ध होंगे। हमें उत्तर प्रदेश में आने वाले निवेशकों और उद्यमियों के स्वागत के लिए तैयार होना होगा।

कार्यक्रम में युवा कल्याण विभाग के द्वारा 16 कलाकारों को विवेकानन्द यूथ अवार्ड दिया गया है। माटी कला बोर्ड से जुड़े पांच कारीगरों और हस्तशिल्पियों को माटी कला खादी ग्रामोद्योग पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खेल विभाग के द्वारा नौ खिलाड़ियों को लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही तीन दिव्यांग खिलाड़ी भी सम्मानित हुए।

-(एजेंसी/वार्ता)

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