मरीजों को नॉर्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लेती थी नर्स, इंजेक्शन को मार्केट में बेचता था नर्स का प्रेमी

कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है. भोपाल में एक नर्स ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की चोरी कर रही थी.

भोपाल में स्थित मैहर सिविल अस्पताल की एक महिला कर्मचारी के बैग से रेमडेसिविर के तीन इंजेक्शन पकड़े गए. तीनों इंजेक्शन मंगलवार को मरीज़ों के नाम पर जारी किए गए थे. उन्हें मरीज़ों को न लगाकर महिला कर्मचारी ने अपने बैग में रख लिया था.

कोलार पुलिस को सूचना मिली थी एक लड़का रेमडेसिविर ब्लैक में बेच रहा है. पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी दानिशकुंज के गिरधर कुंज में रहने वाला झलकन सिंह है और शालिनी उसकी प्रेमिका है.

आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसकी प्रेमिका मरीजों को रेमडेसिविर की बजाय दूसरा नॉर्मल इंजेक्शन लगा देती थी. फिर वो ही इंजेक्शन लाकर वो आरोपी को देती और आरोपी ये इंजेक्शन वह 20-30 हजार रुपए में बेचता था.

प्रेमी को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, प्रेमिका नर्स अभी फरार है. आरोपी नर्स का नाम शालिनी वर्मा है. और वो जेके अस्पताल में काम करती थी. अस्पताल में वो मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही थी. वो मरीजों को असली रेमडेसिविर न लगाकर नॉर्मल इंजेक्शन लगा रही थी. मामला का खुलासा होने पर हड़कंप मच गया है.

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