बचपन या किशोरावस्था में मोटापे की समस्या उभरने से हड्डियों की संरचना गड़बड़ा जाती है

जीवनशैली में बदलाव के चलते मोटापे के बाद वजन कम करने का चलन आम हो चुका है। दोनों स्थितियों में हड्डियों को स्थायी नुकसान पहुंचता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, बोस्टन के वैज्ञानिकों के शोध से यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों ने बताया कि मोटापे को हड्डियों के लिए बेहतर माना जाता रहा है, लेकिन ताजा शोध के परिणाम इसके उलट आए हैं।

मोटापे के शिकार युवाओं में हाथों की हड्डियां टूटने के मामले ज्यादा सामने आए हैं। खासकर युवा इसकी जद में ज्यादा आते हैं। उनके मुताबिक फैट (खासकर आंत में) की उच्च मात्रा और मांसपेशियों के कमजोर स्तर के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। बचपन या किशोरावस्था में मोटापे की समस्या उभरने से हड्डियों की संरचना गड़बड़ा जाती है। इससे बोन लॉस या हड्डियों के क्षय की समस्या सामने आती है। जरूरत से ज्यादा वजन कम होने से भी हड्डियों को स्थायी नुकसान पहुंचता है।

 

 

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