जुड़वां बच्चों के पीछे का राज

बच्चे जुड़वाँ हो या फिर तन्हा ये हर एक इंसान के लिए खुदा की नियामत ही होते है । मजहबी और धार्मिक नजरिये से देखा जाये तो खुदा या ईश्वर जिसे चाहता है लड़की अता करता है जिसे चाहता है लड़का और जिसे चाहता है तो दोनों अता कर देता है लेकिन उस ईश्वर और उस खुदा ने इसके लिए कुछ प्रोसीजर रखें है जिनके जरिये कुछ कारणों से एक साथ दो औलादें जन्म ले लेती है ।आइये जानते है कि आखिर जुड़वाँ बच्चे कैसे जन्म लेते है ।

जुड़वा बच्चे कैसे बनते हैं?

हाल ही में हुई बहुत सी रिसर्च के मुताबिक जुड़वा बच्चे दो तरह के होते हैं । एक-दूसरे से अलग और मुख्तलिफ दिखने वाले यानि मैनोज़ाइगॉटिक (monozygotic) या बिल्कुल एक जैसी सूरत में दिखने वाले जुड़वा डायज़ाइगॉटिक (dizygotic)।
मैनोज़ाइगॉटिक यानि अलग – अलग शक्लों वाले जुड़वा बच्चों का निर्माण तब होता है जब एक एग से किसी स्पर्म द्वारा गर्भाधान किया जाता है लेकिन दो एम्ब्रीयों का निर्माण होता है। यहाँ पर काबिलेगैर बात ये है कि इस तरह जन्म लेने वाले जुड़वा बच्चों की आनुवांशिक संरचना एक ही होती है। लेकिन इसके विपरीत डायज़ाइगॉटिक जुड़वा बच्चे तब बनते हैं जब दो अलग शुक्राणु (स्पर्म) दो एग्स को फर्टिलाइज करते हैं जिसके नतीजे में दो अलग दिखनेवाले बच्चे पैदा होते हैं। और ऐसे बच्चों की आनुवांशिक संरचना भी कुछ हद तक अलग होती है। जुड़वाँ बच्चों के जन्म लेने के पीछे कुदरत ने बहुत से कारण छुपा कर रखे हैं उनमें कुछ निम्न है ।

आनुवांशिक यानि जेनेटिक्स कारण  

आपके लिए ये काफी दिलचस्प बात हो सकती है कि अगर आपके परिवार में पहले कभी जुड़वा बच्चे पैदा हो चुके हैं तो मुमकिन है आप भी जुड़वाँ बच्चों के बाप बन जाएं । इसके अलावा अगर आप भी अपने भाई या बहन की जुड़वा हैं तो जुड़वा बच्चों की मां बनने की आपकी सम्भावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। हालांकि कुछ रिसर्च बताती है क ऐसी सम्भावनाएं माता और उसके परिवार पर बेस्ड होती है न पिता पर ।

हाइट और वेट:

किसी भी औरत का वजन और उसका वेट जुड़वां बच्चों के गर्भनिर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाता है ।कुछ तहक़ीक़ के मुताबिक अगर आपकी और आपकी पत्नी हाइट ज्यादा है तो मुमकिन है आप जुड़वाँ बच्चो के बाप बनने में कामियाब हो जाएं

अमेरिकम कॉलेज ऑफ अब्स्टेट्रिक्स एंड गाइनोकोलोजी  में छपी एक रिसर्च के के मुताबिक ऐसी महिलाएं जिनका बीएमआई 30 या उससे ज्यादा हो उनमें जुड़वा बच्चों को जन्म देने की सम्भावनाएं अन्य महलाओं से अधिक होती है। हालांकि, यहाँ ऐसी स्थिति में केवल फ्रैटर्नल (fraternal) यानि एक से दिखने वाले जुड़वा बच्चे होते हैं।