इंग्लैंड के लिए खेलेगा टीम इंडिया के इस दिग्गज खिलाड़ी का बेटा, U19 टीम में हुआ सेलेक्शन

Indian Cricket: टीम इंडिया के एक पूर्व तेज गेंदबाज का बेटा इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलता दिखाई देगा. इस खिलाड़ी की बेटी भी लैंकाशर की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुकी है.

Indian Cricket: क्रिकेट जगत में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने देश को छोड़कर दूसरे देश के लिए क्रिकेट खेला है, ऐसे कई भारतीय भी हैं जो आज के समय में भी विदेशी टीमों में खेल रहे हैं. कई खिलाड़ी तो दो देशों के लिए भी इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे भारतीय खिलाड़ी के बारे में बताएंगे जो खूद टीम इंडिया के लिए खेला था, मगर उनका बेटा इंग्लैंड के लिए खेलता हुआ दिखाई देगा. इस खिलाड़ी का सेलेक्शन U19 टीम में भी हो गया है.

दूसरे देश के लिए खेलेगा इस खिलाड़ी का बेटा

टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह के बेटे हैरी सिंह इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. आरपी सिंह के बेटे हैरी सिंह का चयन इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में हुआ है. हैरी सिंह को श्रीलंका अंडर-19 के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड अंडर 19 टीम में जगह मिली है, ये उनके लिए एक खास उपलब्धि है.

ECB ने फोन पर दी खुशखबरी

रुद्र प्रताप सिंह (RP Singh) भारत के लिए ज्यादा मुकाबले नहीं खेल सके थे. लखनऊ के रहने वाले आरपी सिंह ने 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो वनडे मैच खेले थे. 1990 के दशक के अंत में आरपी सिंह इंग्लैंड चले गए थे और उन्होंने लंकाशायर काउंटी क्लब और इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ कोचिंग का काम संभाला. आरपी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि कुछ दिनों पहले ही उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से फोन आया था कि उनके बेटे का चयन इंग्लैंड की अंडर-19 टीम हो गया है.

8 साल की उम्र में खेलना किया शुरू

आरपी सिंह के बेटे हैरी सिंह ने आठ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. इंग्लैंड में ही पढ़ाई के दौरान उनकी क्रिकेट में रुचि बढ़ी थी. आरपी सिंह कहते हैं कि उनका बेटा फुटबॉल में भी अच्छा था, लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, क्रिकेट में उसकी दिलचस्पी बढ़ती गई. तभी परिवार ने फैसला किया कि उनका इकलौता बेटा अपने पिता की कोचिंग में क्रिकेट खेलेगा. आरपी सिंह की बेटी भी इंग्लैंड में लैंकाशर की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी है, लेकिन बाद में उन्होंने पढ़ाई के लिए क्रिकेट को छोड़ दिया था.