… तो क्या अब बिखरे विपक्ष की नेता बनेगी ‘ममता बनर्जी’ ? 2024 में मोदी VS ममता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक की तरफ बढ़ रही ममता बनर्जी का विपक्ष में कद अब बढ़ गया हैं। जिस तरह से ममता बनर्जी ने बंगाल में एनडीए को सीधी पटखनी दी हैं, उसे देखते हुए कयास लगाए जाने लगे हैं कि बनर्जी को अब राष्ट्रीय राजनीति में बिखरे हुए विपक्ष का नेता बनाया जा सकता हैं। मौजूदा हालातों में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख ममता बनर्जी ही दो ऐसे चेहरे हैं, जिनमें मोदी से लड़ने की क्षमता दिख रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत बीजेपी की तरफ से तमाम दांव-पेंच के बाबजूद टीएमसी 2016 जितनी विधानसभा सीटों पर आगे चल रही है। टीएमसी की इस जीत ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब राष्ट्रीय स्तर पर मोदी बनाम ममता के बीच खेला होगा ? दरअसल, बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी भी संकेत दे चुकी है कि वह बनारस से मोदी की सीट पर चुनाव लड़ेंगी। अगर ऐसा हुआ तो मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल चुनाव के नतीजों को 2024 के आम चुनावों पर असर होगा? राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष बिखरा हुआ है। इस वक्त शरद पवार , चंद्र बाबू नायडू, अखिलेश यादव, मायावती, उद्धव ठाकरे या अन्य किसी क्षेत्रीय नेता में मोदी के समक्ष खड़े होने का सामर्थ्य नजर नहीं आता। ऐसे में राहुल गाँधी या ममता बनर्जी में संभावनाएं नजर आती है, इनमें से भी राहुल के मुकाबले जमीनी लड़ाई लड़कर जीतने का माद्दा ममता बनर्जी में नजर आता हैं।

अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस, राकांपा, शिवसेना, अकाली दल, सपा, बसपा, डीएमके जैसे विपक्षी दल एकजुट होकर दीदी को अपना नेता कबूल करेंगे? क्या कांग्रेस अपनी महत्वकांछाओं को सीमित करेगी ? यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर क्या कर सकेंगी।

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