क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के विषय में विवाद की किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं है: आचार्य बालकृष्ण

कोरोनिल से जुड़े विवाद के बारे में पतंजलि के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कहा है कि क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के विषय में विवाद की किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं है।

उन्होंने कहा है कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, जयपुर (NIMS University) में कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर श्वासारी वटी व अणु तेल के साथ अश्वगंधा, गिलोय घनवटी और तुलसी घनवटी के घनसत्वों से निर्मित औषधियों का निर्धारित मात्रा में सफल क्लीनिकल परीक्षण किया गया, और औषधि प्रयोग के परिणामों को 23 जून 2020 को सार्वजनिक किया गया।‌

पतंजलि ने रोगियों के बेहतर अनुपालन (compliance) के लिए इन तीन मुख्य जड़ी-बूटियों अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी के घनसत्वों के संतुलित मिश्रण वाली इस कोरोनिल औषधि का विधिसम्मत पंजीयन कराया।

पतंजलि ने कोरोना के लिए क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल पूर्ण होने से पहले Coronil Tablet को क्लीनकली व लीगली #corona की दवा कभी भी नहीं कहा।

इस CTRI रजिस्टर्ड क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के विषय में विवाद की किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं है।

हमें सम्पूर्ण मानवता को इस कोरोना संकट से बाहर निकालने में संगठित रुप से, सद्भाभावनायुक्त मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।