आर्किटेक्ट की नौकरी से जरुरत नहीं होती थी पूरी, फिर ऐसे चमकी वरुण की किस्मत

आईपीएल के 13वें सीजन में आबुधाबी के मैदान पर 42वें मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 59 रनों से हराया। मैच के हीरो केकेआर के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती रहे, जिन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 20 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उन्हें इस दमदार प्रदर्शन की वजह से मैन ऑफ द मैच चुना गया। अपनी इस सफलता से खुश वरुण ने बताया कि क्यों 2015 में उन्होंने आर्किटेक्ट छोड़कर क्रिकेट में आने का प्लान बनाया।

उन्होंने कहा ‘मैंने श्रेयस अय्यर के विकेट को काफी एन्जॉय किया। मुझे छोटे एंड से गेंदबाजी करने के लिए कहा गया था। जिसके लिए गेंद को विकेट टू विकेट करना जरूरी था। मैं अपने इस प्रदर्शन का श्रेय अपनी मां हेमा मलिनी, पिता वरुण चक्रवर्ती और अपनी मंगेतर नेहा को देता हूं।

वरुण ने कहा कि उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी की शुरुआत साल 2018 से ही की थी। उस समय उन्हें टीनपीएल में ब्रेक मिला, जिसके बाद काफी उतार-चढ़ाव आये। पिछले साल आईपीएल में भी उन्हें चोट की वजह से ज्यादा अवसर नहीं मिले। लेकिन इस बार वह कमबैक करके काफी खुश हैं। वरुण बताते हैं कि साल 2015 के आसपास वह फ्रीलांसिंग कर रहे थे, लेकिन जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। उस वक्त उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी।

वरुण के मुताबिक वह अभी भी पहले की तरह आर्किटेक्ट करते हैं। जो वो क्रिकेट में आने से पहले नौकरी में किया करते थे। वरुण ने आर्किटेक्ट की पढ़ाई भी की हैं। लेकिन क्रिकेट का पैशन होने की वजह से नौकरी छोड़कर क्रिकेट पर फोकस किया। उनकी मेहनत रंग लाई और 2018 में आईपीएल में मौका मिला।

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