ये बीमारियाँ हो सकती है वायु प्रदूषण से

वायु प्रदूषण न सिर्फ हमारे श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है, बल्कि यह हमारे शरीर की अन्य प्रणालियों पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने पर दिल की बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण के संपर्क में कम समय तक रहने पर भी बुजुर्ग या पहले से बीमार लोगों में दिल का दौरा, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर आदि का खतरा पहले की अपेक्षा काफी बढ़ सकता है। वायु प्रदूषण और बोन मिनरल की लगातार कमी के बीच संबंध स्थापित करता हैं, जिसका परिणाम आपको ऑस्टियोपोरोसिस के रूप में भी देखने को मिलता है ।

वायु प्रदूषण का हड्डी पर असर भी पड़ता है। वायु प्रदूषण और हड्डी के नुकसान के बीच काफी गहरा संबंध है। वायु प्रदूषण का इससे संबंध जटिल और बहुआयामी दोनों ही है। हम काफी अच्छी तरह से जानते हैं कि तंबाकू के धुएं से हमारे बोन डेंसिटी को काफी नुकसान होता है।

इसके अलावा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के रोगियों में ऑस्टियोपीनिया और ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना रहती है। ऐसा माना जाता है कि वायु प्रदूषण एक तरफ तो शरीर में तंबाकू के धुएं के कारण होने वाले परिवर्तन को प्रेरित करता है तो दूसरी तरफ यह क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज भी हरे अंदर पैदा करता है, जो की हमारे फेफड़ों के काम करने की क्षमता को कम करता है। फेफड़ों के काम करने की क्षमता कम होने के कारण सिस्टेमिक इंफ्लामेशन का स्तर बढ़ जाता है।

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