लकवे से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू आयुर्वेदिक उपचार

लकवा जिसे अंग्रेजी में पैरालिसिस कहा जाता है यह एक खतरनाक रोग है जो मनुष्य को कभी भी किसी भी अवस्था में हो सकती है। ऐसा नहीं है कि इससे मनुष्य कभी निजाद नहीं पा सकता, ऐसे बहुत से घरेलू इलाज है जिससे इस रोग से मुक्ति पायी जा सकती है आइये जानते है लकवा के बारे में। लकवा होने का प्रमुख कारण है उच्च रक्तचाप जिसके कारण रक्त शरीर के ग्रसित भाग में बराबर नहीं पहुँच पाता है।

ये है लकवे के लक्षण

इसमें शरीर के एक तरफ के अंग, जैसे एक तरफ का हाथ, एक तरफ का पैर, एक तरफ की आधी जीभ, एक तरफ का आधा चेहरा, एक तरफ की आँख और इसी तरह अन्य अंग रोग ग्रस्त हो जाते हैं।

इस घरेलू आयुर्वेदिक उपचार से मिलेगी निजाद

कलौंजी के तेल की मालिश करने से लकवे में लाभ होता है।

कालीमिर्च पीसकर तेल के साथ लकवे में मालिश करें।

लकवा होने पर शरीर को कैलशियम अधिक देना चाहिए। उबलते हुए एक औंस पानी में शहद की दो चम्मच डालकर कुछ ठण्डा होने पर रोगी को पिलाते रहने से कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है। 100 ग्राम शहद प्रतिदिन खिलायें। इस प्रकार तीन सप्ताह तक देते रहने से लकवा ग्रस्त अंग कार्य करने लगते है।

तुलसी के पत्ते उबालकर रोग ग्रस्त अंग को भाप देने, धोने से लाभ होता है। तुलसी के पत्ते, सेंधा नमक, दही सबको पीसकर लेप करें। सीघ्र ही लाभ होगा।

एक ओर के अंग में लकवा हो गया हो तो 25 ग्राम छिला हुआ लहसुन पीसकर दूध में उबालें। खीर की तरह गाढ़ा होने पर उतार कर ठण्डा होने पर नित्य प्रातः खायें। ये लकवे में लाभदायक है।

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