मैदा के ये साइड इफेक्ट हैरान कर देंगे आपको

इंटरनेट डेस्क। क्या आपको पता है मैदा सेहत के लिए नुकसानदायी होती है? हर किसी के किचन में मैदा मिल जाती है। जिससे अनेको खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। मैदा या रिफाइंड आटे को रोज अपने आहार में शामिल करने से इसका नुकसान शीघ्र दिखाई नहीं देता। इसके कई साइड इफेक्ट होते हैं जो काफी लंबे वक्त तक प्रयोग करने के बाद ही पता चलता है।

मैदा एक परिष्कृत गेहूं का आटा है जिसमें से फाइबर समाप्त कर दिया जाता है। फिर इसके बाद इसे बेंजोइल पेरोक्साइड ब्लीच किया जाता है जिससे इसको साफ और सफेद रंग और टेक्सचर दिया जाता है। चलिए आज हम आपको बताते है कि कैसे मैदा हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक है।

– बढ़ेगा मोटापा : अधिक मैदा खाने से शरीर का वजन बढऩा शुरु हो जाता है। यही नहीं इससे कोलेस्ट्रॉल का लेवल तथा खून में ट्राइग्लीसराइड भी बढ़ता है।

– होगी कब्ज की शिकायत : मैदे में बिल्कुल भी फाइबर नहीं होता इसलिए यह पेट के लिए खराब होता है। इससे कब्ज होने की शिकायत होती है।

– फूड एलर्जी : मैदे में ग्लूटन होता है जोकि फूड एलर्जी को पैदा करता है। इसमें अधिक मात्रा में ग्लूटन पाया जाता है जो खाने को लचीला बनाकर उसको मुलायम टेक्सचर देता है। वहीं गेंहू के आटे में ढेर सारा फाइबर तथा प्रोटीन पाया जाता है।

-बढ़ेगा शुगर लेवल : मैदै खाने से शुगर लेवल तुरंत ही बढ़ जाता है क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।

– गठिया तथा हार्ट की बीमारी : ब्लड शुगर बढऩे से खून में ग्लूकोज़ जमने लगता है फिर इससे शरीर में केमिकल रिएक्शन होता है जिससे कैटरैक्ट से ले कर गठिया तथा हार्ट की बीमारियां होने लगती हैं।

– हड्डियां : मैदा बनाते समय इसमें से प्रोटीन निकल जाता है और ये एसिडिक बन जाता है जो हड्डियों से कैल्शियम को खींच लेता है। इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

– बीमारियां बढ़ सकती है : मैदे को नियमित खाते रहने से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिससे बार-बार बीमार होने की संभावना बढऩे लगती है।

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