हो सकती है ये बीमारी अगर आप भी पैंट की पिछली जेब में रखते हैं पर्स

अक्सर आपने मेल्स को देखा होगा कि वे अपने बटुआ यानि पर्स को अपने पैंट या जींस की पिछली पॉकेट में रखना ज्यादा प्रिफर करते हैं। वे अपने पर्स में पैसे, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बाइक की चाबियां आदि संभालकर रखते हैं। ताकि उनसे ये सब सामान गुम न हो जाए। ऐसे में उनके पर्स का पेट काफी फूल जाता है, जिसकी वजह से पॉकेट में पर्स रखने में परेशानी भी होती है।

पर्स को पॉकेट के पिछली जेब में रखने पर

लेकिन क्या आपको पता है ये पर्स आपके शरीर के लिेय कितना हानिकारक है। जिसके बारे में आपने कभी सोचा नहीं होगा। लोग नए फैशन को फॉलो करते है लेकिन कई बार एेसा करना भारी पड़ जाता है। आजकल हर कोई जेब में पर्स रखता है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि पैंट की पिछली जेब में पर्स रखने से गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

रिसर्च से हुआ साबित

ये हम नहीं कह रहे बल्कि रिसर्च से साबित हुआ है। डॉक्टर्स की मानें तो जो लोग पर्स की पैंट की पिछली जेब में रखते हैं उन्हे पायरी फोर्मिस सिंड्रोम नामक बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। इस बीमारी से पीड़ित इंसान को असहनीय दर्द शुरू हो जाता है।

हो सकती है ये बीमारी

दरअसल, वाटरलू यूनिवर्सिटी में स्पाइन बायोमेकेनिक्स के प्रोफ़ेसर स्टुअर्ट मैकगिल ने ऐसे ही मरीजों को देखते हुए एक अध्ययन किया। प्रोफेसर गिल के अनुसार जब हम बैक पॉकेट में पर्स रखकर बैठते हैं, तो हिप ज्वाइंट में मौजूद पिरिफॉर्म मसल्स पर दबाव पड़ता है। साथ ही यह दबाव इसके ठीक नीचे मौजूद साइटिक नर्व पर भी पड़ता है। मोटा पर्स होने से यह नर्व पर्स और हिप के बीच में दब जाती है और लगातार ऐसा होने से दर्द होने लगता है। इससे साइटिका हो जाता है। इसमें हिप से शुरू हुआ दर्द नीचे की ओर बढ़ता हुआ पैर में पहुंच जाता है।

इतना ही नहीं मोटा पर्स होने पर हमारा एक तरफ का कूल्हा थोड़ा उठा हुआ रहता है। जितना मोटा पर्स होगा, उतना ही कूल्हा ऊपर उठेगा, इससे संतुलन बिगड़ेगा। लंबे समय तक ऐसा होने से रीढ़ की हड्डी पर इसका दबाव पड़ता है, जो धीरे-धीरे स्थायी दर्द में बदल जाता है। यह उनको लोगों में और जल्दी होता है जिनकी रीढ़ में पहले से कोई समस्या हो।

बीमारी से बचने का तरीका

अगर आपको इस बीमारी से बचना है तो जल्दी से जल्दी इसका इलाज कराना पड़ेगा वरना बाद में इससे निजात पाने के लिए आपको इसकी सर्जरी करवानी पड़ सकती है और इस बीमारी की सर्जरी काफी महंगी होती है। तो अगर आप भी अपना पर्स पैंट की पिछली जेब में रखते हैं तो संभल जाएं जहां तक हो सके घंटो तक बैठे रहने की स्थिति में पेंट की पिछली जेब से पर्स को निकालकर कहीं और रख लें वरना आप भी इस बीमारी के पीड़ित बन सकते हैं और इससे आपके पैर काफी कमजोर हो सकते हैं।

अक्सर आपने मेल्स को देखा होगा कि वे अपने बटुआ यानि पर्स को अपने पैंट या जींस की पिछली पॉकेट में रखना ज्यादा प्रिफर करते हैं। वे अपने पर्स में पैसे, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बाइक की चाबियां आदि संभालकर रखते हैं। ताकि उनसे ये सब सामान गुम न हो जाए। ऐसे में उनके पर्स का पेट काफी फूल जाता है, जिसकी वजह से पॉकेट में पर्स रखने में परेशानी भी होती है।

पर्स को पॉकेट के पिछली जेब में रखने पर

लेकिन क्या आपको पता है ये पर्स आपके शरीर के लिेय कितना हानिकारक है। जिसके बारे में आपने कभी सोचा नहीं होगा। लोग नए फैशन को फॉलो करते है लेकिन कई बार एेसा करना भारी पड़ जाता है। आजकल हर कोई जेब में पर्स रखता है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि पैंट की पिछली जेब में पर्स रखने से गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

रिसर्च से हुआ साबित

ये हम नहीं कह रहे बल्कि रिसर्च से साबित हुआ है। डॉक्टर्स की मानें तो जो लोग पर्स की पैंट की पिछली जेब में रखते हैं उन्हे पायरी फोर्मिस सिंड्रोम नामक बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। इस बीमारी से पीड़ित इंसान को असहनीय दर्द शुरू हो जाता है।

हो सकती है ये बीमारी

दरअसल, वाटरलू यूनिवर्सिटी में स्पाइन बायोमेकेनिक्स के प्रोफ़ेसर स्टुअर्ट मैकगिल ने ऐसे ही मरीजों को देखते हुए एक अध्ययन किया। प्रोफेसर गिल के अनुसार जब हम बैक पॉकेट में पर्स रखकर बैठते हैं, तो हिप ज्वाइंट में मौजूद पिरिफॉर्म मसल्स पर दबाव पड़ता है। साथ ही यह दबाव इसके ठीक नीचे मौजूद साइटिक नर्व पर भी पड़ता है। मोटा पर्स होने से यह नर्व पर्स और हिप के बीच में दब जाती है और लगातार ऐसा होने से दर्द होने लगता है। इससे साइटिका हो जाता है। इसमें हिप से शुरू हुआ दर्द नीचे की ओर बढ़ता हुआ पैर में पहुंच जाता है।

इतना ही नहीं मोटा पर्स होने पर हमारा एक तरफ का कूल्हा थोड़ा उठा हुआ रहता है। जितना मोटा पर्स होगा, उतना ही कूल्हा ऊपर उठेगा, इससे संतुलन बिगड़ेगा। लंबे समय तक ऐसा होने से रीढ़ की हड्डी पर इसका दबाव पड़ता है, जो धीरे-धीरे स्थायी दर्द में बदल जाता है। यह उनको लोगों में और जल्दी होता है जिनकी रीढ़ में पहले से कोई समस्या हो।

बीमारी से बचने का तरीका

अगर आपको इस बीमारी से बचना है तो जल्दी से जल्दी इसका इलाज कराना पड़ेगा वरना बाद में इससे निजात पाने के लिए आपको इसकी सर्जरी करवानी पड़ सकती है और इस बीमारी की सर्जरी काफी महंगी होती है। तो अगर आप भी अपना पर्स पैंट की पिछली जेब में रखते हैं तो संभल जाएं जहां तक हो सके घंटो तक बैठे रहने की स्थिति में पेंट की पिछली जेब से पर्स को निकालकर कहीं और रख लें वरना आप भी इस बीमारी के पीड़ित बन सकते हैं और इससे आपके पैर काफी कमजोर हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें-

सेहत के लिए गर्म पानी में एक चुटकी हींग डालकर पीना होता है फायदेमंद