डिलीवरी के बाद रक्तस्त्राव होने का ये है मुख्य कारण!

प्रसव के बाद रक्तस्त्राव होना एक सामान्य बात है, इसलिए रक्तस्त्राव को लेकर परेशान होने वाली कोई बात नहीं होती। असल में रक्तस्त्राव की प्रक्रिया के बाद महिलाओं का शरीर पुनः स्वस्थ हो जाता है। रक्तस्त्राव कितने समय तक होगा इसका कोई निश्चित समय नहीं है। अलग-अलग महिलाओं की भिन्न-भिन्न शारीरिक दशाओं के कारण इसका समय भी अलग-अलग हो सकता है।

प्रसव के बाद रक्तस्त्राव-

प्रसव के बाद होने वाले पहले रक्तस्त्राव को लोचिया कहते हैं, इस रक्तस्त्राव की वजह से ही गर्भाशय पुनः स्वस्थ होता है। इस रक्तस्त्राव में मुख्य रूप से रक्त के थक्के व सफ़ेद रक्त कणिकाएं होती हैं। प्रसव के बाद आपको आराम की बहुत आवश्यकता होती है। यदि आप पर्याप्त आराम नहीं करतीं तो इससे अधिक रक्तस्त्राव की समस्या हो सकती है। शिशु के जन्म के बाद होने वाले घावों को ठीक तरह से भरने और गर्भाशय को स्वस्थ करने के लिए ये रक्तस्त्राव आवश्यक है।

अधिक रक्तस्त्राव हो तो डॉक्टर से संपर्क करें-

वैसे तो रक्तस्त्राव कोई समस्या नहीं है। प्रसव के 24 घंटों तक रक्तस्त्राव अधिक होता है उसके बाद रक्तस्त्राव में धीरे-धीरे कमी आने लगती है। प्रसव के बाद लगभग 6 हफ़्तों तक रक्तस्त्राव होता है इसके बाद यह पूरी तरह बंद हो जाता है वहीँ कुछ महिलाओं में इसे बंद होने में अधिक समय भी लग सकता है। यदि आपको अधिक रक्तस्त्राव हो रहा है या कई बार ऐसा होता है कि हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद अचानक रक्तस्त्राव बढ़ जाता है तो ऐसी स्थिति में आपको प्रसव विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। यदि आपको अधिक रक्तस्त्राव के साथ पेट में दर्द, पैरों में अधिक सूजन या बुखार आने जैसी समस्या हो तो ये इन्फेक्शन या अन्य समस्या हो सकती है ऐसे में आपको जल्द अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

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